कमलनाथ ने कहा “केंद्र सरकार को सोयाबीन खरीद का प्रस्ताव भेजने में जानबूझकर देरी”, MP सरकार पर लगाया बिचौलियों को फायदा पहुंचाने का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक केंद्र सरकार को खरीद प्रस्ताव नहीं भेजा गया, जबकि पिछले साल इस समय तक पंजीयन और MSP पर खरीदी शुरू हो गई थी। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि पहले भी मूंग खरीद और यूरिया आपूर्ति में इसी तरह की देरी कर किसानों को नुकसान पहुंचाया गया था।
Kamal Nath

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कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर किसानों के प्रति उदासीनता बरतने और सोयाबीन खरीद में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने सोयाबीन की खरीद के लिए अभी तक केंद्र सरकार को प्रस्ताव नहीं भेजा है। देरी करने से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की ख़रीद की प्रक्रिया देर से शुरू हो पाएगी और इस बीच मजबूरी में किसानों को औने पौने दाम पर बिचौलियों को सोयाबीन बेचना पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि तय समय पर सोयाबीन खरीद का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ससे पहले मूंग खरीद के मामले में भी सरकार ने प्रस्ताव देर से भेजा था और किसानों को ज़हरीली मूंग के नाम पर बदनाम किया गया था। इसी तरह यूरिया आपूर्ति में भी समय पर कार्रवाई न करने से किसानों को लगातार परेशानी उठानी पड़ी है।

सोयाबीन खरीद प्रक्रिया को लेकर कमलनाथ ने सरकार पर लगाए आरोप

कमलनाथ ने कहा कि पिछले साल 25 सितंबर से सोयाबीन पंजीयन शुरू हो गया था और 25 अक्टूबर से MSP पर खरीदी प्रारंभ हो गई थी। लेकिन इस साल सरकार की देरी के कारण किसानों को औने-पौने दामों पर अपनी उपज बेचने की मजबूरी पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मंडियों में सोयाबीन 4500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल है। इससे साफ है कि सरकारी खरीद शुरू न होने से किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।

बीजेपी सरकार से की मांग 

पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि यह देरी जानबूझकर की जा रही है जिससे किसानों को औने-पौने दाम पर बिचौलियों को अपनी फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़े। उन्होंने कहा “भाजपा सरकार जानबूझकर की ख़रीद और खाद उपलब्धता जैसे विषयों में देरी कर देती है और फिर इससे किसानों को जो परेशानी होती है, उससे कालाबाज़ारी और बिचौलियों को परोक्ष रूप से फ़ायदा पहुँचाती है।” कमलनाथ ने मध्यप्रदेश सरकार से मांग की है कि तय समय पर सोयाबीन खरीद का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया जाए और निश्चित समय पर MSP पर सोयाबीन की खरीद सुनिश्चित की जाए।

Shruty Kushwaha
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Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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