
Kamal Nath
कमलनाथ ने लाड़ली बहना योजना को लेकर मध्यप्रदेश सरकार से सवाल किए हैं। उन्होंने कहा कि जिस योजना को कभी सरकार ने सबसे बड़ी “गेम चेंजर” पहल बताकर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक बताया था, उसी योजना के आंकड़े अब सरकारी दावों की वास्तविकता उजागर कर रहे हैं।
पूर्व सीएम ने कहा कि सितंबर 2023 में लाड़ली बहना योजना से 131.07 लाख महिलाएं जुड़ी हुई थीं, लेकिन जनवरी 2026 तक यह संख्या घटकर 124.78 लाख रह गई है। यानी करीब 27 महीनों में 6.28 लाख महिलाओं की संख्या कम हो गई। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं के योजना से बाहर होने का कारण सरकार स्पष्ट क्यों नहीं कर रही है।
कमलनाथ ने ‘लाड़ली बहना योजना’ को लेकर सरकार से किए सवाल
कमलनाथ ने ‘लाड़ली बहना योजना’ को लेकर मध्यप्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने विशेष रूप से 21 से 23 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं की संख्या में आई गिरावट को चिंताजनक बताया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि इस आयु वर्ग की 1.88 लाख महिलाएँ अब सूची में शून्य हो गई हैं। उन्होंने पूछा कि यदि योजना महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए है तो युवतियों को इससे बाहर क्यों किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 अगस्त 2023 के बाद नए पंजीयन बंद कर दिए गए हैं और सरकार ने राशि बढ़ाने या नए पंजीयन शुरू करने का कोई प्रस्ताव भी नहीं बताया है।
“महिलाएं सिर्फ वोट बैक नहीं”
पूर्व सीएम ने यह भी कहा कि सरकार के अनुसार तकनीकी कारणों से 25,395 महिलाओं का भुगतान रोक दिया गया। उन्होंने इसे संवेदनहीनता बताते हुए कहा कि जिन महिलाओं के लिए यह राशि घर चलाने का सहारा है, उनके खाते में भुगतान रुकना गंभीर समस्या है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि तकनीकी त्रुटियों को तुरंत दूर कर लंबित भुगतान जारी किया जाए। कमलनाथ ने कहा कि सरकार यह तर्क दे रही है कि कुछ महिलाएं 60 वर्ष की आयु पूरी होने के कारण सूची से हट गई हैं लेकिन 6 लाख से अधिक की कमी को सिर्फ इसी कारण से नहीं समझाया जा सकता। यदि नए पंजीयन नहीं होंगे तो लाभार्थियों की संख्या स्वाभाविक रूप से घटती जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि 6.28 लाख महिलाओं की कमी के लिए जिम्मेदार कौन है और जिन लाभार्थियों का भुगतान रुका है, उन्हें न्याय कब मिलेगा। उनके अनुसार महिलाएं केवल वोट बैंक नहीं बल्कि राज्य की सामाजिक और आर्थिक ताकत हैं।
सरकार से की मांग
कमलनाथ ने आरोप लगाया कि विधानसभा में इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया और सत्ता पक्ष ठोस स्पष्टीकरण देने में असफल रहा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम पर राजनीति करना आसान है, लेकिन उनके अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहना योजना केवल आंकड़ों का विषय नहीं है, बल्कि यह लाखों परिवारों की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने सरकार से नए पंजीयन शुरू करने, लंबित भुगतान जारी करने और योजना को पारदर्शी बनाने की मांग की है।
लाड़ली बहना योजना को कभी मध्यप्रदेश सरकार की सबसे बड़ी “गेम चेंजर” योजना के रूप में प्रचारित किया गया था। इसे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल बताया गया, बड़े-बड़े मंचों से दावा किया गया कि यह योजना करोड़ों बहनों के जीवन में बदलाव लाएगी। लेकिन अब जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे… pic.twitter.com/DfkXas6mqx
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) February 24, 2026
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

