कमलनाथ ने सीएम शिवराज को दिया जवाब, “जय और वीरू ने ही अत्याचारी गब्बर सिंह का हिसाब किया था”

MP Election 2023

MP Election 2023 : उम्मीद है आप में से अधिकांश लोगों ने शोले फिल्म देखी होगी और उसमें जय और वीरू, यानि अमिताभ – धर्मेंद्र की जोड़ी का कमाल देखा होगा, आप सोच रहे होंगे कि मप्र के चुनावी माहौल में शोले और जय – वीरू की जोड़ी का क्या काम, तो हम आपको बताते हैं कि इस जोड़ी की चर्चा चुनावों में निकल पड़ी है, मप्र में भी चुनावी शोले भड़के हुए हैं।

शिवराज ने दिग्विजय और कमलनाथ को जय -वीरू की जोड़ी कहा 

दरअसल कांग्रेस आलाकमान ने दिग्विजय सिंह और कमलनाथ को दिल्ली बुलाया है, मीडिया ने जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इसपर उनकी प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने दिग्विजय – कमलनाथ की जोड़ी को जय – वीरू की जोड़ी कह दिया और गंभीर आरोप लगाये , उन्होंने कहा कि जय वीरू की जोड़ी लूट के माल के लिए लड़ रही है, पहले भी 2003 तक मिस्टर बंटाढार (दिग्विजय सिंह को भाजपा इस नाम से भी बुलाती है) ने लूटा , फिर सवा साल कमलनाथ ने मप्र को लूट का अड्डा बना दिया था, अब आगे कौन लूटेगा उसमें हिस्सेदारी कितनी होगी इस बात का झगड़ा है और दिल्ली में शायद इसीलिए बुलाया है।

कमलनाथ ने बिना नाम लिए शिवराज को कहा गब्बर सिंह 

शिवराज के इस बयान के बाद कमलनाथ ने ट्वीट कर जवाब दिया, उन्होंने संकेतों में शिवराज सिंह चौहान को गब्बर सिंह कह दिया , कमलनाथ ने ट्वीट किया – शिवराज जी, जय और वीरु ने ही अत्याचारी गब्बर सिंह का हिसाब किया था। मध्य प्रदेश 18 साल से अत्याचार से त्रस्त है। अत्याचार के अंत का समय आ गया है। बाक़ी आप समझदार हैं…

बहरहाल, नेताओं के बयानों के बीच प्रसिद्द फ़िल्मी जोड़ी जय और वीरू की चर्चा जनता पर क्या असर दिखाएगी ये तो 3 दिसंबर को परिणाम के बाद पता चलेगा लेकिन नेताओं के बयानों से जनता आनंद जरूर ले रही है, ये आनंद वोट के रूप में किसके पक्ष में जायेगा ये 17 दिसंबर को प्रदेश की जनता ही तय करेगी।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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