जो ‘Guy-Guy’ करते नहीं थकते थे, वो भी अब ‘गाय-गाय’ करने लगे : शिवराज

जो ‘Guy-Guy’ करते नहीं थकते थे, वो भी अब ‘गाय-गाय’ करने लगे : शिवराज

भोपाल| मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस से बिगड़ती स्तिथि के बीच भी सियासी हमले जारी है| भाजपा और कांग्रेस में ट्वीट वार छिड़ा हुआ है, कांग्रेस जहां सरकार की कमियां गिना रही है तो वहीं भाजपा द्वारा जवाबी हमले किये जा रहे हैं| गुरूवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक ट्वीट कर लिखा “जो लोग पहले ‘Guy-Guy’ करते नहीं थकते थे, वो भी अब ‘गाय-गाय’ करने लगे है”। इससे पहले पूर्व सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर सरकार द्वारा गाय की सेवा पर उदासीन रवैया अपनाने की बात कही थी|

दरअसल, कमलनाथ के ट्वीट के बाद सीएम शिवराज ने ट्वीट किया| उन्होंने लिखा- “हम तो हमेशा गाय को माता मान कर ही चले है… लेकिन असली कमाल तो ये है कि जो लोग पहले ‘Guy-Guy’ करते नहीं थकते थे, वो भी अब ‘गाय-गाय’ करने लगे है। ये सब तो उस गोकुल वाले ग़्वाले की ही लीला हो सकती है”| मुख्यमंत्री के इस ट्वीट को कमलनाथ के ट्वीट के जवाब के रूप में देखा जा रहा है|

कमलनाथ का ट्वीट
कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा “भारतीय संस्कृति में गौमाता का स्थान बेहद पूजनीय है। गौमाता की सेवा करना परोपकार के साथ आनंद की भी अनुभूति प्रदान करता है। कोरोना महामारी से इस जंग में सभी मूक पशुओं , जीवों की सेवा और सुरक्षा करना बेहद आवश्यक है। इसको देखते हुए असहाय ग़ौमाताओं की सेवा भी अत्यंत ज़रूरी है”।

उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा “मैं संकट के इस दौर में सभी से अपील करता हूँ कि इस कठिन दौर में हम अपने परिजनो के साथ- साथ , गौमाता की सेवा भी अवश्य करे। गौमाता के संरक्षण व संवर्धन हेतु मेरी सरकार द्वारा 1000 गौशालों का निर्माण प्रदेश में प्रारम्भ कराया गया था”। “देखने में आ रहा है कि कोरोना की विषम परिस्थिति के इस दौर में राज्य सरकार गौमाता की सेवा पर उदासीन रवैया अपनाये हुए है। आइए, हम सब मिलकर गौमाता की सेवा , संवर्धन व संरक्षण का अपना दायित्व निभाये”।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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