मुम्बई, दिल्ली की तरह मप्र में भी हो मास्क पहनना अनिवार्य : कमलनाथ

मुम्बई, दिल्ली की तरह मप्र में भी हो मास्क पहनना अनिवार्य : कमलनाथ

भोपाल| मध्य प्रदेश में तेजी से पैर पसार रहे कोरोना से निपटने के लिए सरकार लगातार कोशिशों में जुटी हुई है| इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में मास्क के अनिवार्य उपयोग की मांग सरकार से की है| हालाँकि सीएम शिवराज सिंह चौहान, सहित प्रशासन, डॉकटर्स लगातार लोगों से मास्क लगाने की अपील कर रहे हैं, लेकिन देखने में आ रहा है कि कई जगह इसका पालन नहीं हो रहा है|

पूर्व सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर सभी लोगों के लिए मास्क अनिवार्य रूप से उपयोग की मांग करते हुए सरकार को सुझाव दिया है| उन्होंने ट्वीट में लिखा -“मुम्बई , दिल्ली और यूपी सरकार ने कोरोना से बचाव हेतु मास्क के अनिवार्य उपयोग का जनहितैषी निर्णय लिया है। मध्यप्रदेश में भी बढ़ते कोरोना के संक्रमण को देखते हुए तत्काल यह निर्णय सरकार द्वारा लिया जाना चाहिये और सरकार आमजन तक उसकी आसान उपलब्धता भी सुनिश्चित करे”।

डॉक्टरों से मारपीट की घटना शर्मनाक
कमलनाथ ने एम्स के डॉक्टरों के साथ मारपीट के मामले पर भी ट्वीट कर अपनी बात रखी है। उन्होंने इस घटना को शर्मनाक बताया है। वहीं दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने लिखा- “भोपाल एम्स के दो पीजी डॉक्टर्स , जिनमे एक महिला डॉक्टर है , की पुलिसकर्मियों द्वारा पिटाई की घटना सामने आयी है , जो कि बेहद शर्मनाक है। कोरोना महामारी के संकट के इस दौर में अपनी जान जोखिम में डाल जनता की सेवा कर रहे इन कर्मवीर योद्धाओं पर हमें गर्व है, ऐसे में इनकी पिटाई की घटना , बेहद निंदनीय होकर शर्मसार करने वाली है। सरकार तत्काल इस पूरे मामले की जाँच करवाकर दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करे व ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो , इसको लेकर प्रदेश में निर्देश जारी करे”।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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