Lockdown 4.0: CM की अधिकारियों से चर्चा, बोले-‘मास्क के उपयोग, सोशल डिस्टेंसिंग से वायरस को करेंगे परास्त’

Lockdown 4.0: CM की अधिकारियों से चर्चा, बोले-‘मास्क के उपयोग, सोशल डिस्टेंसिंग से वायरस को करेंगे परास्त’

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में लॉक डाउन 4.0 (Lockdown 4.0) का स्वरुप क्या होगा इसको लेकर रणनीति तैयार हो गई है| सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने लॉकडाउन-4 में क्षेत्रवार गतिविधियों के संचालन के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की| सीएम ने कहा प्रदेश में कोरोना वायरस के नियंत्रण के प्रयासों में सफलता मिल रही है। प्रदेश में आमजन को शिक्षित करने का कार्य निरंतर चलेगा। मास्क के उपयोग, सोशल डिस्टेंसिंग और स्वच्छता के पालन के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने का कार्य निरंतर चलेगा। इससे राज्य में इस वायरस पर शत-प्रतिशत नियंत्रण प्राप्त कर उसे परास्त किया जा सकेगा।कुछ समय इसी स्थितियों में जीना है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने और सभी लोगों के बचाव के प्रति सतर्क रहना है।

म.प्र. में श्रमिकों को मिली सुविधाएं
बैठक में अपर मुख्य सचिव एवं राज्य नियंत्रण कक्ष प्रभारी आई. सी. पी. केशरी ने बताया कि 88 ट्रेन श्रमिकों को लेकर आ चुकी हैं। अन्य 22 ट्रेन आएंगी। इस तरह 110 ट्रेन की व्यवस्था से बड़े पैमाने पर श्रमिकों को घर पहुंचने का कार्य संपन्न हो रहा है। अन्य राज्यों के प्रवासी श्रमिकों को राज्य में भोजन और आगे की सड़क मार्ग से यात्रा के लिए परिवहन की सुविधा देने का कार्य बहुत मुस्तैदी से किया गया है। प्रत्येक जिले में श्रमिकों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई। अनेक श्रमिकों ने मध्यप्रदेश में मिली सुविधाओं को अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर बताया है।

बैठक में बताया कि प्रदेश में लॉकडाउन-4 के संबंध में विधिवत आदेश जारी कर क्षेत्रवार गतिविधियों के संचालन के संबंध में शीघ्र ही जानकारी दी जाएगी।

भोपाल मॉडल की चर्चा

मुख्यमंत्री श्री चौहान को जानकारी दी गई कि भोपाल में इस माह किए गए विशेष प्रयासों से कोरोना वायरस के नियंत्रण में काफी सफलता प्राप्त हुई है। आईजी श्री उपेंद्र जैन ने बताया कि प्रत्येक थाना क्षेत्र में 10 कोरोना मित्र बनाकर कम्युनिटी को शामिल करने का कार्य किया गया। सभी समुदायों को जागरूकता प्रयासों से जोड़ा गया। सेंपलिंग और सर्विलेंस की व्यवस्थाओं से भोपाल रोग नियंत्रण में एक मॉडल के रूप में सामने आ रहा है। होम क्वॉरेंटाइन के प्रति लोग सहयोग प्रदान कर रहे हैं। जिन परिवारों में कोई सदस्य अन्य स्थान से आए हैं वह परिवार के सदस्य को जागरूक बनाते हुए क्वॉरेंटाइन व्यवस्था में सहयोग दे रहे हैं। कमिश्नर भोपाल कविंद्र कियावत और कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने भी भोपाल में क्षेत्रवार रोग नियंत्रण की स्थिति की जानकारी दी।

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