Lok Sabha Election 2024 : पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का पलटवार, BJP को बताया आरक्षण विरोधी

कमलनाथ ने लिखा- भारतीय जनता पार्टी का चरित्र हमेशा से आरक्षण विरोधी रहा है। मध्य प्रदेश में मेरे मुख्यमंत्री कार्यकाल में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27% आरक्षण दिया गया था। लेकिन लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार गिराकर बनी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने षड्यंत्रपूर्वक OBC को मध्य प्रदेश में दिये गये 27 प्रतिशत आरक्षण को समाप्त करा दिया।
Kamal Nath

Lok Sabha Election 2024 : लोकसभा चुनावों में एक बार फिर आरक्षण का मुद्दा बाहर आ गया है, भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे पर आरक्षण विरोधी होने का आरोप लगा रही हैं, कल संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत द्वारा दिए आरक्षण के समर्थन वाले बयान के बाद इसमें सियासी भूचाल आ गया है, राहुल गांधी सहित कांग्रेस के सभी बड़े नेता भाजपा पर हमलावर हैं।

BJP का चरित्र आरक्षण विरोधी : कमलनाथ 

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता  कमलनाथ ने भी भाजपा पर हमला करते हुए X पर पोस्ट शेयर की है, उन्होंने लिखा- भारतीय जनता पार्टी का चरित्र हमेशा से आरक्षण विरोधी रहा है। मध्य प्रदेश में मेरे मुख्यमंत्री कार्यकाल में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27% आरक्षण दिया गया था। लेकिन लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार गिराकर बनी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने षड्यंत्रपूर्वक OBC को मध्य प्रदेश में दिये गये 27 प्रतिशत आरक्षण को समाप्त करा दिया। अब लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के नेता ख़ुद को आरक्षण समर्थक बता रहे हैं और कांग्रेस पर बेबुनियाद झूठे इल्ज़ाम लगाने की कोशिश कर रहे हैं।”

कमलनाथ बोले- भाजपा के झूठ और पाखंड से सावधान रहिए

कमलनाथ ने आगे लिखा- “जनता को यह सच्चाई बहुत अच्छी तरह से समझना चाहिए कि 1947 में देश की आज़ादी के बाद से कांग्रेस पार्टी ने ही आरक्षण की व्यवस्था लागू की और समय समय पर इसका दायरा वंचित समुदाय के लिए बढ़ाया। वहीं भाजपा का चरित्र आरक्षण विरोधी हैं और उन्होंने कभी आरक्षण देने का काम नहीं किया, बल्कि मध्य प्रदेश और अन्य जगहों पर आरक्षण छीना है। इसलिए इस चुनाव में भाजपा के झूठ और पाखंड से सावधान रहिए और सच्चाई का साथ दीजिये।”

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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