लोक समता पार्टी का भाजपा में विलय, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दिलाई सदस्यता

samta-party in bjp

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव (Byelection) में दिलचस्प सियासी रंग देखने को मिल रहे हैं| अब तक नेता दल बदल कर एक दूसरे को झटका दे रहे थे| अब एक पूरी की पूरी पार्टी ही भाजपा (BJP) से मिल गई है| रविवार को लोक समता पार्टी (Lok Samta Party) का विलय भारतीय जनता पार्टी में हो गया|

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में लोक समता पार्टी का विलय भारतीय जनता पार्टी में हो गया| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को भाजपा की सदस्यता दिलाई। सदस्यता ग्रहण समारोह में प्रदेश सरकार के मंत्री भारत सिंह कुशवाहा उपस्थित थे।

इस दौरान सीएम शिवराज ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए मैंने गरीबों और किसानों की ही चिंता की है। संबल योजना, राहत की राशि, फसल बीमा योजना का लाभ, अनाज आपूर्ति जैसे अनेक निर्णय हमने गरीबों के हित में लिए। आखिर सरकार गरीबों की ही तो है। हमारा और लोक समता पार्टी का लक्ष्य एक ही है – जनता की भलाई। जब लक्ष्य एक है तो रास्ता भी एक होना चाहिए इसलिए हमें साथ में मिलकर काम करना चाहिए। हम मिलकर जनता की सेवा करेंगे।

शिवराज ने कहा मैं सभी को वचन देता हूँ कि उनका मान-सम्मान और उनकी शान किसी भी हालत में कम नहीं होने दूंगा। मैं लोक समता पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का भाजपा परिवार में स्वागत करता हूँ। जिस लक्ष्य के साथ लोक समता पार्टी के संस्थापकों ने पार्टी का गठन किया था, हम उस लक्ष्य की प्राप्ति साथ मिलकर करेंगे।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews