रेत खदानों में मशीनों से कार्य प्रतिबंधित, मजदूरों को मिलेगा रोजगार

रेत खदानों में मशीनों से कार्य प्रतिबंधित, मजदूरों को मिलेगा रोजगार

भोपाल| रेत खदानों (Sand mines) को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला किया है| रेत खदानों में अब मशीन से कार्य कराया जाना प्रतिबंधित होगा वहीं अधिक से अधिक मजदूरों को लगा कर उन्हें रोजगार दिया जाएगा| किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल (Kamal Patel) ने बुधवार मंत्रालय में जबलपुर (Jabalpur) और नर्मदापुरम संभाग (Jabalpur Division) में खनिज के उत्खनन के संबंध में खनिज विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा के दौरान इस संबंध में निर्देश दिए|

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेत खदानों में अधिक से अधिक मजदूरों को लगा कर उन्हें रोजगार दिया जाए। रेत खदानों में मशीन से कार्य कराया जाना प्रतिबंधित करें। मंत्री श्री पटेल ने निर्देशों का पालन सख्ती से कराये जाने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि ड्रोन कैमरे से रेत खदानों की वीडियोग्राफी कराया जाना सुनिश्चित करें। किसी भी हालत में मशीनों से उत्खनन न हो।

कृषि मंत्री ने निर्देशित किया है कि नर्मदा किनारे डम्पर या मशीनें पाये जाने पर मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाये। उन्होंने सरकार की खनिज नीति का अक्षरश: पालन कराये जाने के भी निर्देश दिये। श्री पटेल ने कहा कि खदानों से रॉयल्टी पर आरटीओ से अनुमति प्राप्त वाहनों से ही परिवहन होना भी सुनिश्चित किया जाये।

निजी भूमि की रेत किसान बेच सकेंगे
मंत्री श्री पटेल ने संचालक खनिज विनीत कुमार ऑस्टिन से कहा कि जिन खेतों में पानी के बहाव से रेत आ जाती है, उन खेत मालिकों को रेत के विक्रय अधिकार संबंधी प्रावधान किये जायें। उन्होंने कहा कि खनिज नीति में इसके लिये आवश्यक बदलाव प्रस्तावित करें। बैठक में कार्यकारी निदेशक, मध्यप्रदेश खनिज निगम दिलीप कुमार भी उपस्थित रहे।

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