भोपाल| मध्य प्रदेश के सियासी रण में राजनीतिक पार्टियां अपना पूरा जोर लगा चुकी है, अब लोकतंत्र के यज्ञ में वोट की आहुति डालने का दिन आ गया है। बुधवार को मध्य प्रदेश में 5 करोड़ से अधिक मतदाता अपनी सरकार चुनने के लिए मतदान करेंगे| मतदान के लिये सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। बालाघाट जिले के विधानसभा क्षेत्र बैहर क्रमांक 108, लांजी-109 और परसवाड़ा-110 विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक वोट डाले जाएंगे| चुनाव आयोग ने निष्पक्ष मतदान संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैं| प्रदेश में 1 लाख 80 हजार से अधिक संख्‍या में सुरक्षा बल तैनात किया गया है। इनमें 67 हजार से अधिक केन्‍द्रीय सुरक्षा बल और 33 हजार दूसरे राज्‍यों से आये होमगार्ड तैनात किये गये हैं। 

65 हजार 367 मतदान केंद्र 

प्रदेश में कुल मतदान केन्‍द्र 65 हजार 367 हैं, जिनमें से 17 हजार 712 संवेदनशील मतदान केन्‍द्र हैं। इन सभी मतदान केन्‍द्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसी के साथ, 6 हजार 500 मतदान केन्‍द्रों पर वेबकास्टिंग से, 4 हजार 600 मतदान केन्द्रों पर वीडियोग्राफी से और 6 हजार 700 मतदान केन्‍द्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगाह रखी जाएगी। केन्‍द्रीय सुरक्षा बल और माईक्रो ऑब्‍जर्वर भी संवेदनशील केन्‍द्रों पर निगाह रखेंगे। प्रदेश में कार्यरत केन्‍द्रीय शासन के 12 हजार से अधिक कर्मचारियों को माईक्रो आब्‍जर्वर बनाया गया है, जिन्‍हें चुनाव आयोग के आब्‍जर्वर द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

3 लाख 782 कर्मचारी कराएंगे मतदान 

विधानसभा निर्वाचन 2018 को सम्‍पन्‍न कराने के लिये मतदान केन्‍द्रों में कुल 3 लाख 782 मतदान कर्मी लगाये गये हैं। इसमें 2 लाख 54 हजार 878 पुरूष तथा 45 हजार 904 महिलाएं शामिल हैं। तीन हजार 46 मतदान केन्‍द्र महिला कर्मियों द्वारा संचालित होंगे तथा 160 पीडब्‍ल्‍यूडी बूथ दिव्‍यांग कर्मचारियों द्वारा संचालित होंगे। निष्‍पक्ष एवं स्‍वतंत्र चुनाव के‍ लिये 12 हजार 363 माईक्रो आब्‍जर्वर की तैनाती मतदान केन्‍द्रों पर की गई है। इसमें 12 हजार 211 पुरूष एवं 152 महिला माईक्रो आब्‍जर्वर हैं।

2 हजार 899 प्रत्याशी मैदान में 

प्रदेश में 2 हजार 899 प्रत्याशी हैं। इनमें 2 हजार 644 पुरूष, 250 महिलायें और 5 अन्य प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सामान्य वर्ग के 1 हजार 794, अनुसूचित जाति वर्ग के 591 और अनुसूचित जनजाति वर्ग के 514 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। छतरपुर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 51 में 16 प्रत्याशियों में सबसे ज्यादा 7 महिला प्रत्याशी और मेहगांव विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 12 में 34 प्रत्याशियों में से 33 पुरूष प्रत्याशी हैं।

5 करोड़ से ज्यादा मतदाता 

विधानसभा की 230 सीटों के लिए 65 हजार 341 मतदान केन्द्र और 26 सहायक मतदान केन्द्रों पर मतदान होगा। प्रदेश के 5 करोड़ 4 लाख 33 हजार 79 मतदाता मतदान करेगें। इनमें पुरूष 2 करोड़ 63 लाख एक हजार 300 और महिला मतदाता 2 करोड़ 41 लाख 3 हजार 390 है। इन मतदाताओं के अलावा प्रदेश के 62,172, सर्विस वोटर भी मतदान में हिस्सा लेंगे। कुल मतदाताओं में 1389 थर्ड जेंडर और 5 एनआर आई भी शामिल है। सबसे अधिक 24 लाख 80 हजार 68 मतदाता इंदौर जिले और सबसे कम 3 लाख 84 हजार 782 हरदा जिले में है। सबसे अधिक पुरूष और महिला मतदाता भी इंदौर जिले में है। इसी तरह हरदा जिलें भी इनकी संख्या सबसे कम है। सर्विस वोटर को मिलाकर कुल मतदाता- 5,04,95,२५१ हैं  |  चुनाव में 18-19 आयु वर्ग के 16 लाख 3 हजार 73 और 20-29 आयु वर्ग एक करोड़ 38 लाख 26 हजार 251 मतदाता मतदान करेगें। प्रदेश में मतदाताओ का जेंडर रेशो वर्ष 2013 में 848 था, जो अब बढ़कर 917 हो गया है।

राजनैतिक दल

मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त 7 राजनैतिक दल मे से 6 चुनाव लड़ रहे है। अन्य दलों की संख्या 114 है जबकि निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या 1094 है। राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त भारतीय जनता पार्टी 230, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 229, बहुजन समाज पार्टी 227, सीपीआई 18, सीपीआई (एम) 13 उम्मीदवारों के साथ चुनाव-रणभूमि में है। एनसीपी का कोई उम्मीदवार इस बार नही है। अन्य प्रमुख दलों मे आप पार्टी के 208, सपाक्स के 110 और संवर्ण समाज पार्टी के 81 उम्मीदवार भी भाग्य अजमा रहे है।


इन दस्तावेजों से भी डाल सकेंगे वोट 

निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं को फोटोयुक्‍त मतदाता पर्ची वितरित की है, जिसके आधार पर मतदान की सुविधा मिलेगी। यदि किसी मतदाता के पास मतदाता पर्ची नहीं है और उसका नाम मतदाता सूची में है, तो मतदान के लिये फोटोयुक्‍त वोटर कार्ड, पासपोर्ट, ड्रायविंग लायसेंस, पैनकार्ड, आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंकों अथवा डाकघरों द्वारा जारी फोटोयुक्‍त पासबुक, आरजीआई एवं एनपीआर द्वारा जारी किए गए स्‍मार्ट कार्ड, फोटोयुक्‍त पेंशन दस्‍तावेज, सांसदों तथा विधायकों को जारी सरकारी पहचान-पत्र और राज्य एवं केन्‍द्र के कर्मचारियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, राज्‍य पब्ल्कि लिमि‍टेड कम्‍पनियों द्वारा जारी फोटोयुक्‍त सेवा पहचान पत्र के आधार पर 28 नवम्‍बर को मतदान किया जा सकेगा।


पिछले चुनाव का समीकरण 

मध्य प्रदेश में पिछले चुनाव में  25 नवंबर 2013 को वोटिंग हुई थी, जबकि परिणाम 8 दिसंबर को घोषित किए गए थे। 230 सीट में से बीजेपी ने 165 सीटों पर जीत दर्ज कराते हुए लगातार तीसरी बार सरकार बनाई थी। वहीं दूसरी सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस के खाते में मात्र 58 सीट ही आए थे।बसपा को 4 और अन्य को तीन सीटें मिली थीं|  बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद शिवराज सिंह चौहान तीसरी बार मुख्यमंत्री बने।


चुनाव पर एक नजर

·  6 अक्टूबर 2018 को हुई थी चुनाव की घोषणा

·  2 नवंबर को अधिसूचना जारी होने के साथ नामाकंन शुरू

·  9 नवंबर तक जमा हुए 4157 नामाकंन पत्र

·  12 नवंबर को स्क्रूटनी में 578 निरस्त

·  14 नवंबर तक 538 उम्मीदवारों ने नाम वापिस लिए

·  अंत में 2899 उम्मीदवार

·  1985 के बाद पहली बार 250 महिला उम्मीदवार

·  5 ट्रांसजेंडर और 1094 निर्दलीय भी मैदान में

·  आम निर्वाचन में पहली बार वीवीपैट का इस्तेमाल

·  सुरक्षा व्यवस्था सम्हालेंगी केन्द्रीय बलों की 650 कंपनी

·  उम्मीदवारों को प्रकाशन/प्रसारण के जरिए देना होगा आपराधिक रिकॉर्ड