मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 : प्रलय श्रीवास्तव से जानिए क्या है आचरण संहिता उल्लंघन रोकने का डिजिटल हथियार सी-विजिल ऐप

MP Election 2023

MP Election 2023 : चुनाव के दौरान आदर्श आचरण संहिता उल्लंघन की शिकायतों को प्राप्त कर तत्काल कार्रवाई के लिए भारत निर्वाचन आयोग सी-विजिल ऐप (cVIGIL App) का इस्तेमाल करता है। सी-विजिल (नागरिक सतर्कता) नागरिकों के लिए निर्वाचन के दौरान आदर्श आचारण संहिता और व्यय के उल्लंघन की रिपोर्ट करने हेतु एक मोबाइल ऐप है।

कोई भी कर सकता है शिकायत

‘सी- विजिल’ का उद्देश्य नागरिक सतर्कता और जागरूकता से है। ऐप में नागरिकों द्वारा निर्वाचनों के स्वतन्त्र और निष्पक्ष संचालन के लिए परस्पर सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभाने पर बल दिया गया है। इस ऐप में दिए गए फीचर्स की मदद से नागरिक कहीं पर भी आचरण संहिता के नियमों का उल्लंघन होने पर उसकी तस्वीर खींचकर और लिखकर दिन, तारीख के साथ चुनाव आयोग को दे सकते हैं।

सी-विजिल मोबाइल ऐप लागू करने के पीछे यह उद्देश्य भी रहा कि प्रूफ (साक्ष्य) की कमी से कई बार चुनाव आयोग कार्रवाई नहीं कर पाता था। लेकिन अब नियमों का उल्लंघन होने पर शिकायत के लिए सी विजिल का इस्तेमाल होने लगा है। कोई भी नागरिक इस ऐप के द्वारा फोटो, वीडियो के जरिए तुरंत शिकायत कर सकता हैं।

सी-विजिल ऐप पर कर सकते हैं रिपोर्ट

दरअसल चुनावी कार्यक्रमों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचरण संहिता (एमसीसी) लागू हो जाती है और आचरण संहिता के नियमों का कोई उल्लंघन न करने पाए इसके लिए चुनाव आयोग के दल होते हैं, लेकिन नियमों को तोड़ने वाले कई बार बच निकलते हैं। इसके अतिरिक्त किसी दस्तावेज का अभाव, छेड़छाड़ न की गई सामग्री, चित्रों और वीडियो के रूप में साक्ष्यों की कमी, बाद में की गई शिकायत की यथार्थता को प्रमाणित करने में एक बड़ी बाधा होती है। आयोग का यह अनुभव रहा कि निर्वाचन के दौरान आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट में देरी के परिणामस्वरूप अक्सर उल्लंघन करने वाले निर्वाचन आयोग के उन उड़नदस्तों की नजर से बच निकलते हैं, जिन्हें आदर्श आचारण संहिता को लागू करने का दायित्व सौंपा जाता है। यही कारण है कि निर्वाचन आयोग ने सी-विजिल ऐप लांच किया है। इस पर किसी भी तरह की धांधली की रिपोर्ट की जा सकती है और आयोग उस पर त्वरित कार्रवाई करता है।

स्मार्टफोन में हो जाएगा ऐप डाउनलोड

भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त रहे ओ. पी. रावत के कार्यकाल में निर्वाचन आयोग ने चुनाव को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने की दिशा में सी-विजिल ऐप को डिजिटल हथियार के रूप में प्रभावी बनाया है। आयोग ने यह हक और अधिकार सी विजिल ऐप के जरिए नागरिकों को दिया है कि इस डिजिटल हथियार के द्वारा आप निष्पक्ष चुनाव में अपनी भागीदारी दर्ज करा सकते हैं। स्मार्ट फोन है तो उस पर सी विजिल ऐप डाउनलोड करें और चुनाव आचारण संहिता उल्लंघन की शिकायत करें।

कुल मिलाकर वर्ष 2018 के बाद विभिन्न राज्यों के विधानसभा और लोक सभा निर्वाचनो में सी-विजिल ऐप ने भारत की चुनाव प्रणाली में मजबूती से जड़ें जमा ली है। भारत निर्वाचन आयोग की यह पहल निश्चित रूप से चुनाव प्रक्रिया में नागरिकों को शामिल करने की सार्थकता के साथ सफलता को प्राप्त करेगी। आने वाले समय में सी-विजिल ऐप सफल लोकतंत्र की धुरी बनेगा। सी विजिल एक प्रमुख क्रांतिकारी पहल है, जिसने चुनाव अवधि के दौरान जटिल आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन की रिकॉर्डिंग, रिपोर्टिंग और समाधान को सरल बना दिया है। सी विजिल ऐप के उपयोग से भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और आम आदमी की भागीदारी के युग की शुरुआत की है। जैसे-जैसे नागरिक इसके बारे में अधिक जागरूक होंगे, वैसे-वैसे वे भी स्वयं को चुनाव का हिस्सा महसूस करेंगे, जिससे लोकतंत्र में उनकी भागीदारी और बेहतर होगी।

(विशेष आलेख:  प्रलय श्रीवास्तव, लेखक पिछले 4 दशकों से विभिन्न चुनावों का सफलतापूर्वक संपादन कर चुके जनसंपर्क विभाग के जॉइंट डायरेक्टर हैं)

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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