कोलकाता रेप-मर्डर घटना से सबक़ लेते हुए मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने लिया बड़ा फैसला, अब सरकारी अस्पताल का हर हिस्सा cctv की निगरानी में रहेगा

मध्‍य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा संचालक ने निर्देश जारी किए हैं कि अब सरकारी अस्पताल के हर हिस्से की सीसीटीवी से मॉनिटरिंग की जाएगी। इसी के साथ डीन और अधीक्षक रात में भी अस्पताल का राउंड करेंगे। इसे लेकर सभी 17 सरकारी मेडिकल कॉलेजों के डीन और अधीक्षकों को निर्देश दे दिए गए हैं और एक सप्ताह में व्यवस्थाएं पूरी कर परिपालन रिपोर्ट देने के लिए भी कहा गया है।
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सांकेतिक तस्वीर

Steps taken for the safety of doctors in MP : कोलकाता में ट्रेनी महिला डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले में स्वत: सज्ञान लेने के बाद मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से गुरूवार तक जाँच रिपोर्ट मांगी है। सीजेआई डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा कि ये सिर्फ कोलकाता का मामला नहीं बल्कि ये मुद्दा देशभर में डॉक्टरों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। वहीं अब इस घटना से सबक़ लेते हुए मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।

मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने लिया ये फ़ैसला

एक ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ रेप और फिर जघन्य हत्या की घटना के बाद से देशभर में ग़ुस्सा फूट पड़ा है। वहीं डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे है। इस घटना के बाद अब मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन बड़ा फ़ैसला लिया है। अब प्रदेश में सरकारी अस्पताल का हर हिस्सा CCTV की निगरानी में रहेगा। वहीं, डीन और अधीक्षक रात में भी राउंड करेंगे। इसे लेकर मध्‍य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा संचालक ने निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेश के सभी 17 सरकारी मेडिकल कॉलेजों के डीन और अधीक्षकों को इसके निर्देश दे दिए गए हैं। वहीं एक सप्ताह में व्यवस्थाएं पूरी कर परिपालन रिपोर्ट देने के लिए भी कहा गया है।

कोलकाता घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने CBI से मांगी जाँच रिपोर्ट 

बता दें कि कोलकाता रेप एंड मर्डर केस में आज सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से दो दिन के अंदर जाँच रिपोर्ट मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की है। तीन जजों की बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही है। मंगलवार को अदालत ने कहा कि हमें महिला डॉक्टरों की सुरक्षा की विशेष चिंता है। इसी के साथ उसने डॉक्टरों से हड़ताल ख़त्म कर काम पर लौटने का आग्रह भी किया। CJI ने बंगाल सरकार से सवाल भी पूछा है कि मामले पर प्रिंसिपल पर क्या कार्रवाई की गई है और देरी से एफआईआर को लेकर फटकार भी लगाई। अदालत ने घटना को देश को झकझोरने वाली बताते हुए इसे व्यवस्थागत विफलता का संकेत कहा है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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