मध्यप्रदेश में 1 से 7 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह, जनजागरूकता और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर

वन्यजीवों का संरक्षण सिर्फ जंगल और जानवरों तक सीमित नहीं है बल्कि यह हमारे जीवन और प्रकृति के संतुलन से जुड़ा हुआ है। पेड़, नदियां, जानवर और मनुष्य सभी एक-दूसरे के साथ गहरे बंधे हुए हैं। अगर यह संतुलन टूट गया या इसे ठेस पहुंची तो जीवन की धारा संकट में पड़ सकती है। इसीलिए हम सभी को इस विषय पर जागरूक होने और अपनी सहभागिता दर्ज कराने की ज़रूरत है ताकि धरती पर सभी जीव जीव सुरक्षित रहें और प्रकृति का संतुलन बना रहे।
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Madhya Pradesh Wildlife Week

मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने और जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 1 से 7 अक्टूबर तक राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह मनाया जा रहा है। पूरे राज्य में इस दौरान फ़ोटो प्रदर्शनी, जागरूकता अभियानों, बुक व पोस्टर विमोचन, पुरस्कार वितरण जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इस सप्ताह का औपचारिक शुभारंभ किया जहां उन्होंने राज्य को ‘इको सिस्टम का मॉडल’ बनाने का संकल्प दोहराया। अगर हमें धरती को सुरक्षित रखना है तो वन्यजीवों का संरक्षण बेहद जरूरी है। यह सिर्फ पशु पक्षियों को बचाने की बात नहीं है, बल्कि मानव जीवन से भी सीधा जुड़ा है।

क्यों आवश्यक है वन्यजीवों का संरक्षण

प्रकृति सहअस्तित्व से ही संचरित होती है और यही धरती पर जीवन का आधार है। पेड़, जानवर, नदियाँ और इंसान एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अगर यह संतुलन बिगड़ता है, तो जीवन संकट में पड़ सकता है। जंगलों में पाए जाने वाले जीव-जंतु खाद्य-श्रृंखला का संतुलन बनाए रखते हैं। पेड़-पौधे ऑक्सीजन और भोजन देते हैं, नदियां पानी उपलब्ध कराती हैं और जानवर पारिस्थितिकी को सुरक्षित रखते हैं। इंसान भी इन्हीं संसाधनों पर निर्भर है। पर्यावरणविदों का कहना है कि इंसान अगर प्रकृति को नष्ट करेगा तो जलवायु परिवर्तन, सूखा और बाढ़ जैसी आपदाएं और बढ़ेंगी। इसलिए आवश्यक है कि हम विकास के साथ-साथ जंगलों, नदियों और वन्यजीवों का भी संरक्षण करें।

मध्यप्रदेश में वन्यजीव सप्ताह के तहत विभिन्न आयोजन

इसी उद्देश्य के साथ मध्यप्रदेश में 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह मनाया जा रहा है। इस आयोजन का शुभारंभ भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। यह आयोजन वन्यजीव संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में जनजागरूकता बढ़ाने और इससे संबद्ध अनुकूल नीतियों को प्रोत्साहित करने के लिए किया जा रहा है।

इस दौरान सप्ताह भर अलग अलग कार्यक्रम आयोजित होंगे। 2 अक्टूबर, गुरुवार को पक्षी अवलोकन का कार्यक्रम हुआ और फिर 3 अक्टूबर, शुक्रवार को तितली अवलोकन, खजाने की खोज और मेंहदी व पॉम पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। 4 अक्टूबर को विशेष रूप से वंचित और दिव्यांग बच्चों के लिए पक्षी अवलोकन, फोटोग्राफी, रंगोली और स्कूली व महाविद्यालयीन छात्रों के लिए युवा संसद का आयोजन होगा। 5 अक्टूबर रविवार को रन फॉर वाइल्ड लाइफ और शिक्षकों के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता होगी। 6 अक्टूबर, सोमवार को सभी के लिए पक्षी अवलोकन, रेस्क्यू, वन्यप्राणी संरक्षण और अनुश्रवण उपकरणों पर कार्यशाला, वाइल्ड लाइफ व नेचर एक्सपो, वाद-विवाद प्रतियोगिता और वॉक थ्रू क्विज कम एग्जिबिशन का आयोजन होगा। 7 अक्टूबर, मंगलवार को टॉडलर वॉक, फेस पेंटिंग प्रतियोगिता और पुरस्कार वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन समारोह होगा।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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