कमलनाथ ने कुपोषण के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा, कहा ‘लीपापोती में जुटी प्रदेश सरकार’

बता दें कि कुपोषण को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सभी जिला कलेक्टरों से चार हफ्ते के भीतर स्टेटस रिपोर्ट देने के लिए कहा है। इस मामले पर अब कांग्रेस आरोप लगाया है कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार अपने स्तर पर जनहित का कोई काम करना ही नहीं चाहती है।
Madhya Pradesh Farmers

Kamal Nath

मध्य प्रदेश में कुपोषण की स्थिति को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि एमपी कुपोषण के मामले में देश में दूसरे नंबर पर है, जहां लगभग 10 लाख बच्चे कुपोषित हैं और 1.36 लाख बच्चे गंभीर रूप से कुपोषण का शिकार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘भाजपा का ध्यान सिर्फ पैसा दो काम लो की नीति पर लगा हुआ है।’

उन्होंने कहा कि स्थिति यह हो गई है कि ‘प्रदेश सरकार हर महीने हज़ारों करोड़ रुपये का कर्ज़ लेती है लेकिन उसके बावजूद प्रदेश के नौनिहालों का स्वास्थ्य सुरक्षित नहीं कर पा रही है। मैं आशा करता हूँ कि सरकार इस संबंध में ईमानदारी से रिपोर्ट बनाएगी और कुपोषण की समस्या के उन्मूलन पर गंभीरता से काम शुरू करेगी।’

कुपोषण के मुद्दे पर कमलनाथ ने सरकार को घेरा

कमलनाथ ने प्रदेश में कुपोषण की स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि ‘कुपोषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने सभी कलेक्टरों से चार हफ़्ते के भीतर स्टेटस रिपोर्ट देने के लिए कहा है। CAG की रिपोर्ट में पोषण आहार घोटाले की स्पष्ट पुष्टि होने के बावजूद मध्य प्रदेश सरकार ने अपने स्तर पर इस दिशा में कोई काम नहीं किया। अब माननीय हाई कोर्ट को पहल करनी पड़ रही है। हाईकोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि आंगनबाड़ियों के माध्यम से जो पोषण आहार वितरित किया जा रहा है, उसकी गुणवत्ता खराब है।’

कहा ‘सरकार समस्या के उन्मूलन पर गंभीरता से ध्यान दे’

पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा का ध्यान सिर्फ पैसा देकर काम करने की नीति पर लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि ‘प्रदेश के लाखों बच्चे कुपोषण का शिकार होते जा रहे हैं। उन्हें अच्छी शिक्षा नहीं मिल रही है। स्कूलों की हालत जर्जर है और आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति खराब है। असल में स्थिति यह हो गई है कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार अपने स्तर पर जनहित का कोई काम करना ही नहीं चाहती। जो घोटाले और धोखाधड़ी होती है, सरकार उस पर सिर्फ लीपापोती करने में लगी रहती है।’ कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में करीब 10 लाख बच्चे कुपोषित हैं और 1.36 लाख बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार इस संबंध में ईमानदारी से रिपोर्ट बनाएगी और कुपोषण की समस्या के उन्मूलन पर गंभीरता से काम शुरू करेगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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