MP News: निर्माण कार्य पर सख्ती, श्रम विभाग को सूचना व पोर्टल पर करना पंजीयन जरूरी, उल्लंघन पर हो सकती है जेल

श्रम विभाग का कहना है कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए आम नागरिकों को भी इस मुहिम से जोड़ा गया है उन्हें श्रम प्रहरी कहा गया है।
construction work

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मध्य प्रदेश श्रम विभाग ने निर्माण कार्य स्थल से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किये हैं, इसमें निर्माण कार्य से शुरू करने से पहले उसकी सूचना देने, पोर्टल पर पंजीयन अवश्य करने,श्रमिकों के लिये पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करने जैसे बिंदु शामिल हैं, विभाग ने स्पष्ट कहा है कि निर्देश का उल्लंघन होने पर जुर्माने और जेल की सजा हो सकती है।

निर्माण कार्य क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा, उनके लिए स्वस्थ कार्य परिवेश और उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए श्रम विभाग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किये हैं। शासन ने  भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत अब सभी निर्माण स्थलों पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।

शासन ने बताया कि ‘श्रम सेवा पोर्टल’ मोबाइल ऐप के माध्यम से निर्माण स्थल का विवरण, कर्मचारियों की संख्या और लोकेशन सहित अन्य आवश्यक जानकारियां एकत्र की जा रही हैं, जिससे नियोजक श्रमिकों को दी जा रही सुविधाओं का विवरण दे सकें।

इन महत्वपूर्ण निर्देशों का पालन करना आवश्यक 

श्रम विभाग ने निर्देश दिए हैं कि भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण अधिनियम 1996 के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी भवन या निर्माण कार्य को प्रारंभ करने से कम से कम 30 दिन पहले संबंधित क्षेत्र के अधिकारिता रखने वाले निरीक्षक को इसकी सूचना देना वैधानिक रूप से अनिवार्य है।

  • नियोजकों को निर्माण स्थल और वहां अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की पूरी जानकारी साझा करनी होगी।
  • यह सूचना एम.पी.बी.ओ.सी.डब्ल्यू. (MPBOCW) के ऑनलाइन पोर्टल या जिला श्रम कार्यालय के माध्यम से दी जा सकती है।
  • निर्माण कार्य की पूर्व सूचना न देना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित नियोक्ता पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
  • यदि कोई नियोजक धारा 46 के अधीन निर्माण कार्य शुरू करने की पूर्व सूचना देने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
  • निर्देशों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर नियोक्ता को तीन महीने तक के कारावास, दो हजार रुपये तक के जुर्माने या फिर दोनों सजाओं से दंडित किया जा सकता है।
  • श्रम विभाग ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य के सभी निर्माण विभागों को भी निर्देश जारी किए हैं कि वे कोई भी निर्माण कार्य शुरू करने से पहले श्रम विभाग को इसकी सूचना अवश्य दें।

आम नागरिक को बनाया श्रम प्रहरी, शिकायत के लिए टोलफ्री नंबर जारी    

शासन ने स्पष्ट किया है कि  कोई भी जागरूक नागरिक ‘श्रम प्रहरी’ की भूमिका निभाते हुए ऐसे किसी भी निर्माण स्थल की जानकारी दे सकता है, जिसकी सूचना श्रम विभाग को न दी गई हो। इसके लिए विभाग द्वारा एक विशेष कंट्रोल रूम नंबर 1800-233-8888 जारी किया गया है, जिस पर आमजन अपनी सूचना दर्ज करा सकते हैं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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