मंडला कलेक्टर पर गिर सकती है गाज, केंद्र ने कार्रवाई करने को कहा

मंडला कलेक्टर पर गिर सकती है गाज, केंद्र ने कार्रवाई करने को कहा

भोपाल। सोशल मीडिया पर नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का विरोध करने वाले कलेक्टर मंडला जगदीश चंद्र जटिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। केंद्र सरकार ने राज्य शासन ने जटिया के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। इस संबंध में केंद्र ने मुख्य सचिव एसआर मोहंती को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि जो कानून राजपत्र में प्रकाशित हो चुका है, किसी कलेक्टर द्वारा उसके खिलाफ टिप्पणी करना सर्विस कंडक्ट रूल में कदाचरण की श्रेणी में आता है। अत: संबंधित कलेक्टर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाती है या नहीं, यह राज्य सरकार के रुख पर निर्भर करेगा।

यह है मामला:
पिछले दिनों कलेक्टर मंडला जगदीश जटिया ने अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट में लिखा था कि आप कितनी भी घृणा करो, मैं तो देखूंगा छपाक। उन्होंने छपाक का पोस्टर भी पोस्ट किया था। इस पोस्ट पर कुछ लोगों ने कमेंट किए तो कलेक्टर ने लिखा था, मुझे विवेक का इस्तेमाल करना आता है। मैं खुद सीएए और एनआरसी का सपोर्ट नहीं करता हूं। मारपीट भी टीवी पर देखी है। इस पोस्ट पर लोग जब रिएक्ट कर रहे थे, तो कलेक्टर उन्हें जवाब भी दे रहे थे। बखेड़ा खड़ा होने के बाद कलेक्टर ने इस पोस्ट को डिलीट कर दिया था। उसके बाद फेसबुक से सोशल मीडिया अकाउंट भी डिलीट कर दिया था।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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