एमपी में जल्द हो सकता है बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, बदले जा सकते हैं कलेक्टर

एमपी में जल्द हो सकता है बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, बदले जा सकते हैं कलेक्टर

 भोपाल कमलनाथ सरकार एक-दो दिन में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करने जा रही है। इस फेरबदल में प्रमुख सचिव व सचिव स्तर के अधिकारी और कुछ कलेक्टर इधर से उधर हो सकते हैं। प्रशासनिक फेरबदल को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ और मुख्य सचिव एसआर मोहंती के बीच सहमति बन चुकी है। बताया जाता है कि रिक्त पदों को भरने और पदोन्नत अधिकारियों की नई पदस्थापना को लेकर दोनों के बीच चर्चा हुई। प्रमुख सचिव स्तर के कुछ अधिकारियों के प्रतिनियुक्ति पर जाने से पद खाली हो गए हैं। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा व खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति के पद पर नए अफसरों की पदस्थापना की जाएगी।

आईएएस वीएल कांताराव के प्रतिनियुक्ति पर जाने के कारण मप्र के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का पद भी खाली हो रहा है, इसलिए इस पद पर भी नए अधिकारी की पदस्थापना की जाएगी। आयुक्त मंडी और एमडी वेयर हाउसिंग कारपोरेशन का भी पद रिक्त है। सूत्रों का कहना है कि सरकार वर्ष 1996 बैच के आईएएस अफसरों की जल्द डीपीसी कर उन्हें प्रमुख सचिव के पद पर पदोन्नत करेगी। प्रमुख सचिव के खाली हुए पदों पर इन अफसरों की पदस्थापना की जा सकती है।आईपीएस की तबादला सूची भी जल्द आएगी। प्रमोशन के बाद कई डीआईजी स्तर के अधिकारी अभी भी जिले में जमे हैं। आईजी शहडोल और जबलपुर व रीवा के डीआईजी का पद भी खाली है। शिकायतों के कारण कुछ एसपी भी हटाए जा सकते हैं।

तीन साल से जमे पुलिस अफसर हटेंगे
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में तीन साल से अधिक समय से जमे एएसपी, सीएसपी और डीएसपी का तबादला किया जाएगा। हनीट्रैप मामला, संगठित माफिया के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस अफसरों की भूमिका सही नहीं रही। मुख्यमंत्री कमलनाथ का मानना है कि पुलिस अफसरों के एक ही स्थान पर लंबे समय तक पदस्थ रहने से अपराधियों से उनके संबंध बन जाते हैं। यही वजह है कि उन्होंने तीन साल से एक ही स्थान पर पदस्थ अफसरों को हटाने को कहा है। इसके बाद तीन साल से अधिक समय से एक स्थान पर जमे निरीक्षकों के तबादले किए जाएंगे।

सीएम कमलनाथ-दिग्विजय सिंह के बीच लंबी मंत्रणा
मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीच बुधवार शाम सीएम हाउस में लगभग एक घंटे तक चर्चा हुई। लंबे अर्से बाद दोनों के बीच हुई चर्चा में प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक हालात और सरकार के कामकाज पर चर्चा हुई। बताया जाता है कि बैठक में मुख्य रूप से नगरीय निकाय चुनाव पर चर्चा हुई कि किस तरह अधिक से अधिक निकायों पर कांग्रेस के प्रत्याशी विजयी हो। बैठक में भोपाल में दो नगर निगम बनाने तथा महानगरों के विकास की अन्य योजनाओं पर भी चर्चा हुई। अतिविश्वसनीय सूत्रों के अनुसार दिग्विजय सिंह ने भोपाल के विजन डाक्यूमेंट में हो रहे कार्यों पर भी मुख्यमंत्री से चर्चा की। इसके साथ ही राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर भी दोनों के बीच चर्चा हुई। बताया जाता है राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा हुई कि किस तरह दूसरी सीट बिना किसी बाधा के जीती जाए। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की सरकार में किस तरह से भागीदारी की जाए। इस पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही प्रभारी मंत्रियों की जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पटरी न बैठने सहित कार्यकर्ताओं के अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews