मई में हो सकती है 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा, असमंजस में छात्र

मई में हो सकती है 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा, असमंजस में छात्र

भोपाल। देश भर में फैले कोरोना संक्रमण के कारण एमपी बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित| जिसके चलते छात्रों की परेशानी बढ़ गई है| संभावना है कि देश में 21 दिन का लॉक डाउन लागू होने के कारण अब यह परीक्षाएं मई के पहले सप्ताह में हो सकती है| सीबीएसई बोर्ड के साथ चर्चा के बाद मप्र बोर्ड परीक्षा की तिथि घोषित होगी। अभी परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हुआ है। जिसके चलते परिणाम घोषित हों में भी देरी होगी|….

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड परीक्षाएं मई के पहले सप्ताह में होने की संभावना है। 19 मार्च तक हुुईं परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हुआ है। इसके चलते जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के प्रथम सप्ताह तक रिजल्ट घोषित हो सकते हैं । कोरोना संक्रमण के कारण विद्यार्थी असमंज में है, जो परीक्षा की परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे हुए थे, वे अब नई तारीखों का इन्तजार कर रहे हैं| छात्रों के लिए मंडल एप के माध्यम से काउंसिलिंग करा रहा है, लेकिन फिर भी विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं।

वहीं, विभाग के अधिकारियों की माने तो मप्र बोर्ड परीक्षा की समय सारिणी सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के साथ ही घोषित की जाएगी। सीबीएसई के निर्णय का भी इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि इसके बाद सभी प्रवेश परीक्षाएं भी होंगी| वहीं छात्र असमंजस में हैं| माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की हेल्पलाइन को एप के माध्यम से चलाया जा रहा है। इसमें हर दिन करीब 1000 कॉल आ रहे हैं। प्रदेश भर के 10वीं व 12वीं के विद्यार्थी बस एक ही प्रश्न पूछ रहे हैं कि बचे हुए विषयों की परीक्षा कब से शुरू होगी।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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