मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, इन जिलों में हो सकती है अति भारी बारिश

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, इन जिलों में हो सकती है अति भारी बारिश

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) में बारिश (Rain) को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं| मानसून द्रोणिका के सक्रिय होने के साथ ही बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में मानसूनी हलचल बढ़ी है| दक्षिण गुजरात और पूर्वी उप्र पर ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इस सिस्टम के कारण मध्यप्रदेश में अच्छी बरसात का दौर शुरू होने की संभावना है| इस बीच मौसम विभाग (Weather Department) ने प्रदेश के कई जिलों में भारी या अति भारी बारिश का अलर्ट (Heavy rain Alert) जारी किया है|

मौसम में आये बदलाव के चलते कई हिस्सों में रूककर बारिश हुई है| पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के इंदौर, भोपाल, उज्जैन, होशंगाबाद, रीवा, जबलपुर एवं शहडोल संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर और सागर एवं ग्वालियर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई।

इन जिलों में भारी और अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केन्द्र, भोपाल के मुताबिक प्रदेश के इंदौर, रीवा एवं उज्जैन संभागों के जिलों में तथा उमरिया, डिंडोरी, अनूपपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, सीहोर, होशंगाबाद, गुना एवं अशोकनगर जिलों में कहीं—कहीं भारी वर्षा या अति भारी वर्षा हो सकती है। इसके साथ ही इन इलाकों में कहीं-कहीं पर गरज चमक के साथ बिजली चमकने एवं बिजली गिरने का अनुमान भी है। इसके अलावा भोपाल, सागर, ग्वालियर एवं चंबल संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर अगले 24 घंटों में वर्षा हो सकती है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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