नाथ पर मिश्रा का वार-जब निकलना था तब बाहर नही गए तो अब क्या जाएंगे

नाथ पर मिश्रा का वार-जब निकलना था तब बाहर नही गए तो अब क्या जाएंगे

भोपाल।
कोरोना संकटकाल(corona crisis) के बीच एमपी(mp) में सियासी पारा जमकर उछाल मार रहा है। सत्तापक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर वार करने से चूक नही रहे है।खास करके विपक्ष की तरफ से लेटर वार तेजी से चल रहा है। आए दिन विपक्ष के बड़े नेता शिवराज सरकार(shivraj sarkar) को पत्र लिख नई नई मांग कर रहे है, जिसका सरकार भी जमकर पलटवार कर रही है। अब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ(former chief minister kamalnath) द्वारा सीएम शिवराज (cm shivraj)को लिखे पत्र पर स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा(health minister narottam mishra) ने पलटवार किया है। मिश्रा का कहना है कि मजदूरों के आने जाने का कही पैसा दिया हो तो बताएं। केवल मीडिया में आने के लिए इस तरह का पत्र लिखते है। जब मैदान में निकलना था तब नहीं गए अब क्या जायेगे।

वही किसानों को लेकर कहा कि प्रदेश में अब रिकॉर्ड 53 लाख टन गेंहू खरीदी ही चुकी है।कोरोना को लेकर मिश्रा ने कहा कि कोरोना चिंता की बात है घबराने की नहीँ। कोई स्वस्थ व्यक्ति को कोरोना होता है और वो तीन दिन के अंदर अस्पताल पहुँचता है तो उसकी मौत नहीं होगी। सरकार के पूरे प्रबंध है।हमारी चिंता है कि मौतें कम हो। मरीज मिल भी रहे है औऱ ठीक भी हो रहे है।

प्रवासी मजदूरों को लेकर नरोत्तम मिश्रा ने कहा अब तक 1 लाख मजदूर वापस आ चुके है।चार ट्रेन मजदूरों को लेकर आ चुकी है।शनिवार को 9 ट्रेन आ रही है।अगले एक हफ्ते में दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को लेकर 50 ट्रेन मध्यप्रदेश आएगी। हमारी कोशिश रहेगी की हर जिले में एक ट्रेन आये, ताकि कलेक्टर को परेशान न होना पड़े। बेहतर तरीके से लोगों को सोशल डिस्टेंसिग की मदद से घर पहुँचाया जा सकें। सबसे ज्यादा 23 ट्रेन गुजरात से आएगी। जम्मू कश्मीर के मप्र में रहने वाले 600 छात्रों को 25 बसों से भेजने की व्यवस्था की है। ट्रेन से छात्रों को भेजने की व्यवस्था कर रहे है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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