
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार, 3 नवंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास, वन, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तथा जल संसाधन विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 23 हजार 228 करोड़ रुपए की स्वीकृति को निरंतरता प्रदान की गई है।
कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि 15 नवंबर को जननायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती मध्यप्रदेश में भव्य रूप से मनाई जाएगी। प्रदेश के प्रमुख स्थलों के साथ-साथ जिला स्तर पर भी विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। इस संबंध में 5 नवंबर को मुख्यमंत्री निवास में प्रदेशभर के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है, जहां जयंती समारोह की रूपरेखा तय की जाएगी।
बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में सभी को दीपावली कि बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि दीपावली की खरीदारी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लोकल को वोकल’ बनाने के मंत्र को हम सब जीवन में उतारें। स्वदेशी उत्पाद खरीदें और हमारे स्थानीय छोटे व्यवसायियों, माटीकला शिल्पियों के जीवन में उजियारा लाएं। इस बार गोवर्धन पूजा पर वृंदावन ग्रामों के पशुपालकों की प्रतियोगिता कराई जा रही है। इसमें प्रथम तीन विजेताओं को गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार दिए जाएंगे।
वन संवर्धन/वन्यजीव संरक्षण कार्यों के लिए 17 हजार 240 करोड़
- वनों के संवर्धन और वन्यजीव संरक्षण कार्यों के लिए वन विभाग के अंतर्गत संचालित 9 प्रमुख विद्यमान योजनाओं के सुचारु संचालन के लिए कुल 17,240 करोड़ 55 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। यह स्वीकृति 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि में 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए प्रदान की गई है।
- इमारती लकड़ी का उत्पादन योजना का लक्ष्य काष्ठ व बांस का वैज्ञानिक विदोहन, परिवहन, विक्रय और राजस्व अर्जन है। प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व और 10 नेशनल पार्क की देखभाल और विकास करना, ताकि जंगली जानवर सुरक्षित रहें।
- जो जानवर पार्क के बाहर हैं, उनकी निगरानी के लिए जंगल में ज्यादा गश्त, बाघों पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू करना। जानवरों को जंगल के बाहर सुरक्षित रखना, और उज्जैन व जबलपुर में नए रेस्क्यू सेंटर बनाना।
6 जिलों की सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता के लिए 4103 करोड़
- पन्ना, विदिशा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और उज्जैन की की सिंचाई परियोजनाओं से संबंधित योजनाओं के लिए कुल 4103 करोड़ 73 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर चलती रहेगी।
- पन्ना जिले की मझगांव मध्यम परियोजना के लिए 69 करोड़ 36 लाख और विदिशा जिले की लटेरी तहसील में टेम नदी पर स्थित टेम मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 277 करोड़ 52 लाख स्वीकृत किए गए है।
- मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सीतापुर हनुमना माइक्रो सिंचाई परियोजना निर्माणाधीन है। इसके चालन एवं संधारण के लिए 3,620 करोड़ 82 लाख स्वीकृत किए गए है। उज्जैन सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना के लिए 136 करोड़ 3 लाख स्वीकृत किए गए है।
नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों की सुविधा के लिए राशि
मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना को 2 वर्ष की अवधि 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2029 तक निरंतर रखते हुये अतिरिक्त राशि 700 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही निर्णय लिया गया है कि यदि आगामी वर्ष में मुख्यमंत्री कार्यालय से इस सीमा से अधिक किन्तु 500 करोड़ तक राशि के प्रस्ताव प्राप्त होते हैं तो आवश्यकतानुसार इनकी प्रशासकीय स्वीकृति दी जायेगी तथा भविष्य में अतिरिक्त राशि की मांग वित्त विभाग से पृथक से की जायेगी।
चिकित्सा और स्वास्थ्य के लिए 610 करोड़
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उद्योगों को प्रोत्साहन देने से संबंधित ‘उद्योग निवेश संवर्धन सहायता योजना’ को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 610 करोड़ 51 लाख की स्वीकृति दी है।
लोकायुक्त संगठन के संचालन के लिए 573 करोड़ 85 लाख
लोकायुक्त संगठन के 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक सुचारू संचालन के लिए 573 करोड़ 85 लाख की स्वीकृति दी है। लोकायुक्त संगठन के कार्यालय स्थापना, वेतन और कार्यालय व्यय के लिए 553 करोड़ 85 लाख और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 20 करोड़ स्वीकृत किए गए है।
जबलपुर में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय के लिए पद और राशि मंजूर
जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत जबलपुर में राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय के संचालन के लिए सहायक अनुसंधान अधिकारी (संग्रहालय प्रभारी) के एक नियमित पद तथा संचालन संधारण पर वार्षिक व्यय 83 लाख 18 हजार रुपये की स्वीकृति दी है। संस्था के नियमित संचालन, देखरेख एवं प्रशासकीय कार्यों के संपादन व जनजातीय कार्य विभाग एवं अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करने का कार्य सहायक अनुसंधान अधिकारी (संग्रहालय प्रभारी) द्वारा किया जायेगा।
वर्ष 2047 तक इंदौर-उज्जैन-भोपाल में 20 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2047 तक इंदौर-उज्जैन-भोपाल क्षेत्र में 20 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। लगभग 15 टाउनशिप विकसित की जाएंगी और 30 हजार एकड़ क्षेत्र में नियोजित शहरी विकास होगा। इंदौर फ्यूचर सिटी में 5 हजार एकड़ क्षेत्र में आवास, उद्योग और रोजगार आधारित विकास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अर्बन चैलेंज फंड अंतर्गत 2,013 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लिए एमओयू किए गए हैं। इंदौर आर्थिक क्षेत्र-2047 की रिपोर्ट भी जारी की गई। छ: एमओयू से जल संरक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और शहरी अधोसंरचना को बढ़ावा मिलेगा। “मध्यप्रदेश शहरी किफायती आवास एवं पर्यावास नीति-2026” का प्रारूप जारी किया गया। यह प्रारूप “सबका साथ, सबका विकास और सर्वसमावेशी कल्याण” के विजन पर आधारित है।
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

