पूरे प्रदेश पर छाया मानसून, इन जिलों में बारिश के आसार

पूरे प्रदेश पर छाया मानसून, इन जिलों में बारिश के आसार

भोपाल| दक्षिण पश्चिम मानसून पूरे प्रदेश में छा गया है| मानसून (Monsoon) ने बुधवार काे पूरे मप्र काे कवर कर लिया। अब यह ग्वालियर-चंबल संभागाें में भी पहुंच गया। जिसके चलते कुछ स्थानों पर हल्की बारिश (Rain) हुयी, लेकिन अगले चौबीस घंटों के दौरान भोपाल संभाग समेत कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है|

14 जून काे दक्षिण पश्चिम मानसून ने मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में प्रवेश करने के साथ ही तेजी से गति पकड़ी थी, लेकिन इसके बाद यह दो से तीन दिन तक थम गया। कल से मानसून ने एक बार फिर आगे बढ़ना शुरू किया और समूचे मध्यप्रदेश में छा गया|

इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, रीवा, सागर, शहडोल, जबलपुर, भोपाल, होशंगाबाद, उज्जैन संभागों के जिलों में वर्षा या गरज चमक के साथ बौछारे पड़ने की संभावना है| वहीं भोपाल संभाग और नरसिंहपुर छिंदवाड़ा, दमोह, सागर, होशंगाबाद, और मंदसौर जिले में गरज चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है|

29 से झमाझम बारिश के आसार
उधर, पश्चिम बंगाल में एक ऊपरी हवा का चक्रवात बनने के संकेत मिले हैं। इसके आगे बढ़ने पर 29 जून से पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश होने की संभावना है। शुक्ला के मुताबिक वातावरण में काफी नमी मौजूद है इसलिए धूप निकलने से तापमान बढ़ते ही दोपहर बाद कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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