मध्यप्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में सोमवार को विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। ये सत्र को ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण पर चर्चा के लिए बुलाया गया था। सत्र शुरू होते ही महिला आरक्षण को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच तीखी बहस छिड़ गई जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस के वॉकआउट पर कहा कि विपक्ष महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा से बच रहा है, जिसका जवाब जनता आने वाले समय में देगी। राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में तैंतीस प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त करना चाहती है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस दिशा में सकारात्मक पहल का विरोध कर रहा है।
हंगामेदार रहा एमपी विधानसभा का विशेष सत्र
मध्यप्रदेश विधानसभा में ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर केंद्रित एक दिवसीय विशेष सत्र सोमवार को बुलाया गया। सदन में सरकार की तरफ से शासकीय संकल्प पेश किया गया। राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने सरकार के संकल्प का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, लेकिन विपक्ष इस पहल को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।” उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि संसद में चर्चा के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने महिलाओं के सपनों को ठेस पहुंचाई।
कांग्रेस का विरोध और वॉकआउट
कांग्रेस ने सरकार के संकल्प का विरोध करते हुए मौजूदा परिसीमन के आधार पर तत्काल 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने का अपना अशासकीय प्रस्ताव रखा। विपक्ष ने कहा कि आरक्षण को नई जनगणना और परिसीमन से जोड़कर सरकार इसे अनिश्चितकाल के लिए टाल रही है। प्रस्ताव पर पर्याप्त चर्चा न कराए जाने के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया और बाहर नारेबाजी की।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण को परिसीमन और जनगणना से जोड़कर टालना चाहती है, जबकि कांग्रेस मौजूदा 543 लोकसभा और 230 विधानसभा सीटों पर तुरंत 33 प्रतिशत आरक्षण चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं के नाम पर वोट तो चाहती है, लेकिन अधिकार देने में हिचकिचा रही है।
कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया महिलाओं को अधिकार न देने का आरोप
भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने संकल्प में साफ कहती है कि महिला आरक्षण जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा। यानी आज नहीं, अभी नहीं बल्कि अनिश्चित भविष्य में। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनें आज अपना हक मांग रही हैं लेकिन भाजपा सरकार परिसीमन और जनगणना के नाम पर उनका हक देने से कतरा रही है।
किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन
सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह किसानों की समस्याओं को उजागर करने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली से विधानसभा पहुंचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मंत्रालय के आगे बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। इसके बाद कांग्रेस विधायक गेहूं के गट्ठे लेकर सदन पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा सरकार होने के बावजूद किसानों के साथ भेदभाव हो रहा है और उन्हें गेहूं का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें सदन के अंदर गेहूं ले जाने से रोक दिया।






