MP विधानसभा में लाड़ली बहना योजना पर हंगामा, कांग्रेस का वॉकआउट, उमंग सिंघार ने पूछा “18 वर्ष की नई पात्र बहनों के नाम कब जोड़े जाएंगे”

नेता प्रतिपक्ष ने योजना से महिलाओं के नाम हटाने, नए पंजीयन शुरू न होने और 18 वर्ष की नई पात्र बहनों को लाभ न मिलने पर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि लाखों बहनों के नाम चुपचाप योजना से हटाए गए हैं और बीजेपी द्वारा किया गया 3000 मासिक सहायता का वादा अब तक पूरा क्यों नहीं किया गया है।
Congress Walkout

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मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को ‘लाड़ली बहना योजना’ को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने योजना से कथित तौर पर बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर सदन से वॉकआउट किया। इसी के साथ उमंग सिंघार ने पूछा कि वो बहनें जो अब अठारह साल की हो गई हैं..उनका नाम योजना में कब जोड़ा जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों बहनों के नाम चुपचाप योजना से हटा दिए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि नया पंजीयन कब शुरू होगा ? साथ ही बीजेपी द्वार किए गए वादे के अनुसार बहनों को 3000 मासिक सहायता अब तक क्यों नहीं मिल रही है। उन्होंने इसे बहनों के सम्मान, विश्वास और अधिकारों के साथ छल करार दिया।

कांग्रेस का सदन से वॉकआउट

विधानसभा में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाए और विपक्षी विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार नए पंजीयन और योजना से नाम कटने के मुद्दे पर स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है।

उमंग सिंघार ने सरकार से किए सवाल

कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार और महेश परमार द्वारा विधानसभा में उठाए गए प्रश्न का उल्लेख करते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि जो बहनें अब 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हैं उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने पूछा कि नए पात्र लाभार्थियों को योजना में शामिल करने की प्रक्रिया कब शुरू होगी। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से इसे लेकर कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि सरकार फिलहाल नए पंजीयन शुरू करने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ चुनाव के समय लाड़ली बहनों से वादे करती है लेकिन नई पात्र बहनों को 1500 की सहायता राशि देने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

सरकार ने दिया ये जवाब

बता दें कि इस सवाल के जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने सदन में बताया कि योजना शुरू होने से अब तक 1.31 करोड़ से अधिक महिलाओं का पंजीयन हुआ है। कुछ महिलाओं (60 वर्ष पूरी होने पर) को अपात्र घोषित किया गया, लेकिन उन्हें वृद्धावस्था पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। नए पंजीयन पर उन्होंने कहा कि समय के साथ सब होगा लेकिन इसे लेकर कोई स्पष्ट तिथि नहीं बताई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्री के जवाब का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस पहले कहती थी योजना सिर्फ चुनाव तक चलेगी, लेकिन ढाई साल बाद भी योजना जारी है। उन्होंने दोहराया कि भाजपा के घोषणा पत्र में 5 साल के अंदर राशि 3000 करने का वादा है और इसे पूरा किया जाएगा।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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