MP बोर्ड रिजल्ट: जनजातीय जिलों ने बाजी मारी, सरकारी स्कूलों के नतीजे निजी से बेहतर, सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा “16 साल में सर्वश्रेष्ठ परिणाम”

मध्यप्रदेश में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों ने इस बार कई सकारात्मक रुझान देखने को मिले हैं। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और सरकार ने इसे शिक्षा व्यवस्था में आए बदलाव का परिणाम बताया है। सरकारी स्कूलों की बढ़ती गुणवत्ता और बेटियों की लगातार मजबूत भागीदारी ने भी इन परिणामों को खास बना दिया।
CM Mohan Yadav

फाइल फोटो

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल में सिंगल क्लिक के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश की हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित किए। इस वर्ष के परिणामों में जनजातीय जिलों, सरकारी स्कूलों और बेटियों का प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा। मुख्यमंत्री ने इन तीनों क्षेत्रों की उपलब्धियों को खासतौर पर सराहा और कहा कि यह मध्यप्रदेश में शिक्षा की नई क्रांति का प्रतीक है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सुधार अब परिणामों के रूप में सामने आ रहे हैं और इससे विद्यार्थियों का भविष्य और अधिक सशक्त हो रहा है।

परीक्षा परिणामों में जनजातीय जिलों का बेहतरीन प्रदर्शन

सीएम मोहन यादव ने आज मुख्यमंत्री निवास भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 10वीं और 12वीं परीक्षा परिणाम घोषित किए। इस वर्ष परीक्षा परिणामों में जनजातीय जिलों का प्रदर्शन राज्य में सबसे बेहतर रहा। अनूपपुर जिला हाईस्कूल परीक्षा में 93.85 प्रतिशत पास प्रतिशत के साथ टॉप पर रहा। वहीं हायर सेकेंडरी में झाबुआ जिला सबसे आगे रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने न सिर्फ पास प्रतिशत में बाजी मारी, बल्कि टॉपर्स की सूची में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने इसे शिक्षा विभाग द्वारा इन क्षेत्रों में की गई बेहतर सुविधाओं और सतत निगरानी का सकारात्मक परिणाम बताया।

सरकारी स्कूलों का रिजल्ट निजी स्कूलों से बेहतर

सरकारी स्कूलों और सांदीपनि विद्यालयों का प्रदर्शन भी इस बार निजी स्कूलों से काफी बेहतर रहा। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने निजी स्कूलों से करीब 8 से 11 प्रतिशत अधिक पास प्रतिशत हासिल किया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह हमारे सांदीपनि विद्यालयों के बेहतर माहौल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षकों के अथक प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों का परीक्षाफल निजी स्कूलों से बेहतर रहना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है।

लड़कियों ने फिर मारी बाजी

बेटियों ने बोर्ड परीक्षाओं में एक बार फिर अपना वर्चस्व बनाए रखा है। लड़कियों ने न सिर्फ कुल पास प्रतिशत में लड़कों से आगे रहकर बेहतर प्रदर्शन किया, बल्कि कई विषयों में टॉप करने का गौरव भी हासिल किया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभाशाली बेटियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने सफलता का परचम लहराया है और प्रदेश की बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई मिसाल कायम कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी सफल छात्र-छात्राओं, उनके शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के त्याग से ही विद्यार्थियों का यह संकल्प पूरा हुआ है। साथ ही उन्होंने असफल रहे विद्यार्थियों को निराश न होने की सलाह दी और बताया कि मई माह में द्वितीय अवसर परीक्षा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वे दोबारा प्रयास कर अपनी सफलता हासिल कर सकेंगे। यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत पहली बार शुरू की जा रही है।

बता दें कि इस बार हायर सेकेंडरी परीक्षा में नियमित परीक्षार्थियों का पास प्रतिशत 76.01% रहा, जबकि हाईस्कूल परीक्षा में यह 73.42% रहा। हाईस्कूल में कुल 5 लाख 78 हजार 328 विद्यार्थी सफल हुए, जिनमें 4 लाख 31 हजार से अधिक प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। हायर सेकेंडरी में 6 लाख 13 हजार 318 नियमित परीक्षार्थियों में से 4 लाख 66 हजार 406 विद्यार्थी सफल रहे। मुख्यमंत्री ने इसे विगत 16 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ परिणाम बताते हुए कहा कि यह स्वर्णिम मध्यप्रदेश की नई गाथा है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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