मध्यप्रदेश बोर्ड रिजल्ट पर विश्वास सारंग ने जताई प्रसन्नता, बेटियों को विशेष रूप से सराहा, कहा “सरकारी स्कूल अब प्राइवेट से कम नहीं”

उन्होंने कहा अब सरकारी स्कूलों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों की उपलब्धता और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है और इसका परिणाम इन रिजल्ट्स में देखने को मिला है।
MPBSE Result

Vishwas Sarang

मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा के परिणाम आज घोषित कर दिए गए। इस वर्ष परिणाम उत्साहजनक रहे, जिसमें 12वीं में करीब 74 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं। मंत्री विश्वास सारंग ने इस बेहतर प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छात्रों और खासकर बेटियों को बधाई दी है।

उन्होंने कहा कि इस बार भी लड़कियों ने टॉप कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने इसे देश में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत बताया। पीएम मोदी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे में शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों का लगाता आगे रहना एक बड़े बदलाव का संकेत है।

विश्वास सारंग ने परीक्षा परिणामों पर जताई खुशी 

विश्वास सारंग ने मध्यप्रदेश में 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम को लेकर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इस साल बोर्ड परीक्षा का परिणाम बेहद उत्साहजनक रहा है। उन्होंने कहा कि “बहुत प्रसन्नता की बात है कि 12वीं और 10वीं का बहुत अच्छा परीक्षा परिणाम आया है। 12वीं में लगभग 74 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं। बेटियों ने टॉप किया है। यह रिजल्ट उस समय आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण का संकल्प पूरा होने वाला है।”

“सरकार स्कूलों का प्रदर्शन सराहनीय”

उन्होंने कहा कि इस देश की महिलाएं आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से मजबूत हों और विकास की मुख्य धारा से जुड़ें यही बीजेपी का लक्ष्य है। विश्वास सारंग ने कहा कि मोदी जी शिक्षा में भी बेटियों को आगे लाने और शिक्षा के माध्यम से उनका व्यवस्थित भविष्य बनाने का बड़ा परिवर्तन कर रहे हैं। यही हमारा कमिटमेंट है।  उन्होंने मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सांदीपनी स्कूलों को जीता-जागता उदाहरण बताते हुए कहा कि व्यवस्थित स्ट्रक्चर, सुव्यवस्थित सुविधाएं, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों की उपलब्धता, प्रयोगशालाओं और लैबोरेट्री का उन्नयन इन सबका परिणाम है कि सरकारी स्कूल आज प्राइवेट स्कूलों से कम नहीं हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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