MP Budget: कमलनाथ ने कहा ‘ज्ञानी नहीं, अज्ञानी बजट’, मध्यप्रदेश पर पांच लाख करोड़ कर्ज और 27 हजार करोड़ ब्याज पर सरकार को घेरा

पूर्व सीएम ने कहा कि बजट में जनहित के ठोस उपायों की बजाय सिर्फ दावे और घोषणाएं हैं, जबकि महंगाई, बेरोज़गारी और किसान हित जैसे मुद्दों पर स्पष्ट समाधान नहीं दिखता। उन्होंने इसे जनता की अपेक्षाओं के साथ विश्वासघात करार देते हुए सरकार से वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।
Kamal Nath

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मध्यप्रदेश विधानसभा में बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश होने के बाद इसपर सियासत तेज हो गई है। जहां वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने इसे “ज्ञान (GYAN) से ज्ञानी (GYANII)” की यात्रा बताते हुए गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी केंद्रित औद्योगिक एवं अधोसंरचनात्मक विकास का खाका कहा..वहीं कांग्रेस ने इसे “जनता से विश्वासघात” करार दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “मध्यप्रदेश सरकार का बजट ज्ञानी (GYANII) नहीं, अज्ञानी बजट है।” इसी के साथ उन्होंने राज्य पर बढ़ते कर्ज़ को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

सीएम ने बजट को बताया “ज्ञान से ज्ञानी” की यात्रा

बुधवार को पेश बजट को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परिभाषित “GYAN” अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए “GYANI” मॉडल में परिवर्तित करता है, जिसमें “I” का अर्थ इंडस्ट्री से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि यह देश का पहला रोलिंग बजट है, जिसमें आगामी दो वर्षों की विकास रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई है। सीएम ने कहा कि यह बजट “समृद्ध, संपन्न, सुखद और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश” के निर्माण की दिशा में ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि बजट में सर्वस्पर्शी एवं समावेशी विकास, सुशासन, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन संवर्धन और सांस्कृतिक पुनरोत्थान पर विशेष फोकस किया गया है।

कमलनाथ ने बजट को लेकर सरकार को घेरा

बजट पेश होने के साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। जहां सरकार इसे औद्योगिक विस्तार और आधारभूत ढांचे के सशक्तीकरण का रोडमैप बता रही है, वहीं विपक्ष इसे कर्ज़ के बोझ तले दबे राज्य की आर्थिक वास्तविकताओं से दूर बता रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का बजट ज्ञानी (GYANII) नहीं अज्ञानी बजट है। उन्होंने कहा कि “प्रदेश सरकार के ऊपर पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज़ हो चुका है। चालू वित्त वर्ष में ही 70, हज़ार करोड़ रुपया से अधिक कर्ज़ लिया गया। कर्ज़ का ब्याज चुकाने में ही सरकार को हर साल 27, हज़ार करोड़ रुपये ख़र्च करने पड़ रहे हैं।” इससे पले बुधवार को भी उन्होंने इस बजट पर तंज करते हुए कहा था कि वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत बजट में “सिर्फ बातों के बताशे” हैं और इसमें जनहित के मुद्दे पूरी तरह नज़रअंदाज़ किए गए हैं।

Shruty Kushwaha
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Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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