पूर्व सांसद ने बताया सिंधिया को भूमाफिया, कमलनाथ सरकार में नियम विरूद्ध जमीन आवंटन कराने का आरोप

पूर्व सांसद ने बताया सिंधिया को भूमाफिया, कमलनाथ सरकार में नियम विरूद्ध जमीन आवंटन कराने का आरोप

भोपाल। एक समय माधवराव सिंधिया के और कुछ समय तक ज्योतिरादित्य सिंधिया के विश्वस्त रहे विदिशा संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद प्रतापभानु शर्मा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने सिंधिया को भूमाफिया तक बता दिया और कहा कि अभी तक ग्वालियर में जिस अधिकारी को पदस्थ कराते हैं, उससे केवल सरकारी जमीने अपने या अपने ट्रस्ट के नाम पर कराना उनका मूल उद्देश रहता है। शर्मा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ग्वालियर में कमलनाथ सरकार के समय सिंधिया ने एक रूपये प्रति वर्ग फुट में नियमों के विरुद्ध जमीन अपने नाम आवंटित कराई है और मैं कमलनाथ सरकार से मांग करता हूं कि इस मामले में उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करें।

शर्मा ने ज्योतिरादित्य को माधवराव सिंधिया से अलग चरित्र का व्यक्ति बताते हुए कहा कि ज्योतिरादित्य सत्ता लोलुप पर्दे के पीछे भागने वाले और असत्य बोलने वाले व्यक्ति हैं ।18 साल की राजनीतिक जीवन में ज्योतिरादित्य को कांग्रेस ने सब कुछ दिया लेकिन उन्होंने कांग्रेस को सिर्फ धोखा और विश्वासघात दिया ।शर्मा ने आगे कहा कि सिंधिया चुने हुए जनप्रतिनिधियों, को जो उनके अनुयाई होते है, बंधुआ मजदूर की तरह रखते है। शर्मा ने सिंधिया को ब्लैकमेलर करार देते हुए कहा कि वे कमलनाथ सरकार को लगातार ब्लैकमेल कर रहे थे।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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