थाना प्रभारी के निधन पर CM ने जताया दुःख, 50 लाख और पत्नी को SI पद पर मिलेगी नियुक्ति

थाना प्रभारी के निधन पर CM ने जताया दुःख, 50 लाख और पत्नी को SI पद पर मिलेगी नियुक्ति

भोपाल| इंदौर के जूनी थाने के प्रभारी देवेंद्र चंद्रवंशी की देर रात कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमण (CORONA) होने पर उन्हें अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान शनिवार रात चंद्रवंशी ने दम तोड़ दिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पुलिस इंस्पेक्टर के निधन पर शोक जताया है| साथ ही सरकार की ओर से 50 लाख रुपए की राशि व उनकी पत्नी को विभाग में उप निरीक्षक के पद पर नियुक्ति देने का ऐलान किया|

सीएम शिवराज सिंह ने ट्वीट कर देवेंद्र चंद्रवंशी के निधन पर दुःख जताया| उन्होंने लिखा- ‘इंदौर की हमारी पुलिस टीम के कर्तव्यनिष्ठ सदस्य, पूर्व थाना प्रभारी, निरीक्षक श्री देवेंद्र कुमार जी ने कोरोना से जंग में कर्तव्य की बलिवेदी पर अपने प्राण न्योछावर कर दिये। इंदौर के अरविंदों अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था और हाल ही में उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आयी थी और ये हमारे लिए एक अच्छी खबर थी। लेकिन कल देर रात अचानक ही 2:00 बजे उनकी मृत्यु का दुःखद समाचार मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा”मैं उनके चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। इस संकट की घड़ी में मेरे साथ पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है। शोकाकुल परिवार को राज्य शासन की ओर से सुरक्षा कवच के रूप में ₹50 लाख राशि व उनकी पत्नी श्रीमती सुषमा जी को विभाग में उप निरीक्षक के पद पर नियुक्ति दी जा रही है”।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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