MP कफ सिरप बच्चों की मौत मामला, उमंग सिंघार ने लगाये भ्रष्टाचार के आरोप, न्यायिक जाँच, मृतक के परिजन को सरकारी नौकरी की मांग

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोमवार को मृतक बच्चों के परिजनों से परासिया जाकर भेंट की और कहा कि घटना की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है और हम दोषियों को बख्शेंगे नहीं। सीएम ने कहा भर्ती बच्चों का इलाज ठीक तरीके से हो, इसके लिए प्रशासनिक टीम भी तैनात कर दी गई है।
Umang Singhar

Umang Singhar

मासूम बच्चों की जान लेने वाला कोल्ड्रिफ कफ सिरप भले ही मध्य प्रदेश में बैन हो गया हो और दवा बनाने वाली तमिलनाडु की कंपनी और दवा लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी पर एफआईआर हो गई हो लेकिन इसे लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है कांग्रेस ने इस मामले में प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये हैं और इस मामले की न्यायिक जाँच की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने AICC मुख्यालय में आज मीडिया के सामने सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाये।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि एक छोटी सी बीमारी में भी टेस्ट कराया जाता है, लेकिन मध्य प्रदेश में बच्चों की किडनी फेल क्यों हो रही, इसका कोई टेस्ट नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा दवा कंपनी ने परासिया जैसे आदिवासी क्षेत्र को चुना। कंपनी को पता था कि यहां दलित, आदिवादी और गरीब लोग रहते हैं, उनकी आवाज दबा दी जाएगी। उमंग सिंघार ने कहा ऐसी कंपनियां सरकार के साथ मिलकर छोटे जिलों में व्यापार कर रही है, तो क्या इसमें सरकार के मंत्री ऐसी कंपनियों से हिस्सा ले रहे हैं?  मध्य प्रदेश, दोनों जगह पर्ची वाले मुख्यमंत्री हैं। ये लोग फैसला नहीं ले पाते और फैसला सीधा दिल्ली से आता है।

क्या मां की गोद उजाड़ने की कीमत सिर्फ 4 लाख रुपए है?

नेता प्रतिपक्ष ने कहा हम जानना चाहते हैं परासिया में करीब 25 हजार बच्चें रहते हैं, तो क्या सरकार ने उन बच्चों के लिए कोई मुहिम चालू की कि कौन-कौन प्रभावित हुआ है? BJP सरकार मृतक के परिजनों को मुआवजे के तौर पर सिर्फ 4 लाख रुपए दे रही है, क्या मां की गोद उजाड़ने की कीमत सिर्फ 4 लाख रुपए है? क्या राज्य की BJP सरकार में कोई मानवता बची है?

सरकार पर लगाये भारी भ्रष्टाचार के आरोप 

कांग्रेस नेता ने कहा भारत सरकार ने 3 अक्टूबर 2025 को कफ सिरप को लेकर एडवाइजरी जारी की थी, लेकिन इसके बावजूद भी मध्य प्रदेश सरकार नहीं जागी। इससे साफ हो गया है कि इसके पीछे भारी भ्रष्टाचार है। उन्होंने कहा बच्चों की मौत के मामले में न्यायिक जांच होनी चाहिए, मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाये  और मृतक के परिवारों का इलाज में जितना पैसा खर्च हुआ है, उतनी राशि उसे दी जाये, उन्होंने कहा इस मामले में सियासत नहीं होनी चाहिए और इंसानियत के नाते राज्य सरकार को गंभीरता से फैसला लेना चाहिए।

कुपोषण दर को लेकर सरकार को घेरा 

मध्य प्रदेश में कुपोषण की दर 7.79% है, जो कि राष्ट्रीय औसत से बहुत ज्यादा है, लेकिन BJP सरकार प्रचार करने में व्यस्त है। सवाल है- पोषण आहार कहां जा रहा है, कागजों में या ठेकेदारों के पास? छिंदवाड़ा में 16 बच्चों की मौत हो गई। हमारे स्थानीय विधायक ने कई बार सरकार को चेताया, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।

सरकार को कहा संवेदनहीन, सीएम, डिप्टी सीएम पर निशाना 

उन्होंने कहा, मामला जब ज्यादा बढ़ा तो एक बच्ची का शव कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम कराया गया। राज्य में बच्चों की मौत होती रही और मुख्यमंत्री असम के काजीरंगा पार्क में घूमते रहे। मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम कहते हैं- कफ सिरप से कोई मृत्यु नहीं हुई है और वे कफ सिरप बनाने वाली कंपनी को क्लीनचिट देते रहे आखिर ये कैसी संवेदनहीन सरकार है, डिप्टी CM का दवा कंपनी से क्या रिश्ता है?

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews