MP में संविदा शिक्षक वर्ग-1 वेटिंग लिस्ट का मुद्दा गरमाया, उमंग सिंघार ने सरकार से किए सवाल, चयनित अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति देने की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद नियुक्तियां नहीं की जा रही है और अभ्यर्थियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार की बेरूखी के काऱण शिक्षित और चयनित युवा नियुक्ति की आस में बैठे हैं और अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए हैं।
Umang Singhar Opposition Leader

Umang Singhar

उमंग सिंघार ने भोपाल में हुए संविदा शिक्षक वर्ग-1 की वेटिंग लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में आज भी शिक्षित और चयनित युवा नियुक्ति की आस में बैठे हैं और अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती-2023 में चयन के बाद भी नियुक्ति न मिलना बीजेपी सरकार की घोर असंवेदनशीलता और प्रशासनिक विफलता को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ प्रदेश का युवा अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटक रहा है और जिम्मेदार उच्च शिक्षा मंत्री राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं। कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से चयनित अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति देने की मांग की है।

वेटिंग लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों ने किया आंदोलन 

मध्यप्रदेश में उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती-2023 (संविदा शिक्षक वर्ग-1) की वेटिंग लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों का धैर्य अब टूट चुका है। दो साल से अधिक समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे सैकड़ों योग्य उम्मीदवारों ने सोमवार को राजधानी में सरकार के खिलाफ तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी सरकार से पदों में वृद्धि और वेटिंग से नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर एकत्र हुए, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तस्वीर के सामने हवन किया। इसके बाद रैली निकालकर वो डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बंगले का घेराव करने पहुंचे। वेटिंग शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि अभ्यर्थी सरकार की उदासीनता से बेहद निराश हैं और मजबूर होकर आंदोलन पर उतर आए हैं।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

इसे लेकर कांग्रेस ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आंकड़े रखते हुए कहा है कि 8720 स्वीकृत पदों में से सिर्फ 2901 नियुक्तियां की गई हैं जबकि 5720 से अधिक पद आज भी रिक्त पड़े हैं। इसके बावजूद योग्य और चयनित अभ्यर्थियों को लंबी प्रतीक्षा सूची में डालना सरासर अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदेश का युवा अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटक रहा है, जबकि जिम्मेदार मंत्री राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं। उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि चयनित अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति दी जाए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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