भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लगातार कर्ज लिए जाने को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। सितंबर 2026 में सरकार ने तीन अलग-अलग कर्ज लिए थे और अब एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी की खबर सामने आई है। इसे लेकर कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की ‘कर्जपोषित’ सरकार ने मध्यप्रदेश को ‘कर्ज प्रदेश’ बना दिया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट शेयर कर दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर तक सरकार करीब 54 हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है जबकि शेष वित्त वर्ष में करीब 50 हजार करोड़ रुपए और कर्ज लेने की तैयारी है।
कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि अब वित्त मंत्री पद का नाम बदलकर ‘कर्ज मंत्री’ कर देना चाहिए और इसका ध्येय वाक्य होना चाहिए- हम कर्ज लेंगे.. कर्ज लेते रहेंगे। उन्होंने वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से श्वेत पत्र के बजाय ‘कर्ज पत्र’ जारी करने की मांग भी की।
भाजपा की ‘कर्जपोषित’ सरकार ने मध्य प्रदेश को ‘कर्ज प्रदेश’ बना दिया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर तक ₹54,000 करोड़ का कर्ज लिया जा चुका है और शेष वित्त वर्ष में करीब ₹50,000 करोड़ और कर्ज लेने की तैयारी है।
अब वित्त मंत्री पद का नाम बदलकर ‘कर्ज मंत्री’ कर देना चाहिए और ध्येय वाक्य होना चाहिए—“हम कर्ज लेंगे… कर्ज लेते रहेंगे!”
माननीय वित्त-कर्ज मंत्री श्री जगदीश देवड़ा जी अब श्वेत पत्र नहीं, कर्ज पत्र जारी कीजिए।
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@RahulGandhi @priyankagandhi @OfficeOfDVS @Jairam_Ramesh @kcvenugopalmp @INCMP @Barmer_Harish @jitupatwari @UmangSinghar @IYC @IYCMadhya @Pawankhera @SupriyaShrinate— Jaivardhan Singh (@JVSinghINC) October 5, 2026
सितंबर 2026 में सरकार ने तीन बार लिया था कर्ज
जानकारी के अनुसार, सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से एक दिन पहले यानि 16 सितंबर को राज्य सरकार ने एक महीने तक चलने वाले सेवा कार्यक्रमों के बीच 2500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इससे पहले सरकार ने 1 सितंबर को विकास एवं उत्पादक योजनाओं और परियोजनाओं के वित्तपोषण के नाम पर 3600 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इसके बाद.. सरकार ने 30 सितंबर को दो किस्तों में 2500 करोड़ रुपये ये कर्ज सरकारी सिक्योरिटीज और री-इश्यू के जरिए आरबीआई की नीलामी से लिए गए थे।
बढ़ते बाजार कर्ज को लेकर जीतू पटवारी ने सरकार पर थे उठाए सवाल
सरकार ने दोनों मौकों पर कर्ज लेने की वजह विकास योजनाओं और परियोजनाओं के वित्तपोषण को बताया था। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 29 सितंबर को एक पत्र के माध्यम से बढ़ते बाजार कर्ज और VVIP एविएशन सुविधाओं पर होने वाले खर्च को लेकर राज्य सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की थी। जीतू पटवारी ने सवाल उठाया था कि सरकार विकास कार्यों के लिए कर्ज ले रही है या सरकार के नियमित खर्चों को पूरा करने के लिए उधारी पर निर्भरता बढ़ रही है? इसके साथ ही पटवारी ने सितंबर में लिये गये कर्ज का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की थी।






