मध्यप्रदेश में पेयजल संकट को लेकर सियासी हलचल थमने का नाम नहीं ले रही। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर आयुष्मान भारत योजना और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में घोर विफलता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दोनों मोर्चों पर सरकार पूरी तरह असफल साबित हुई है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि एक ओर एमडी इंडिया का टेंडर खत्म होते ही आयुष्मान मित्र सेवाएं ठप हो गई हैं वहीं पेयजल में सीवेज की मिलावट से 23 मौत के बाद एनजीटी ने मध्य प्रदेश सहित राजस्थान और उत्तर प्रदेश से जबाब मांगा हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार की मूलभूत जिम्मेदारियों में भारी कमी को दर्शाता है।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर स्वास्थ्य और पेयजल सेवाओं में गंभीर विफलता का आरोप लगाया है। विशेष रूप से आयुष्मान भारत योजना की सेवाओं में बाधा तथा पीने के पानी में सीवेज मिलावट को लेकर उन्होंने सरकार पर निशाना साधा है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि एमडी इंडिया के टेंडर समाप्त होने के बाद आयुष्मान मित्र सेवाएं ठप हो गई हैं, जिससे हजारों मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने मध्यप्रदेश और और राजस्थान में पेयजल आपूर्ति में सीवेज मिलावट से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए इन सभी सरकारों, उनके प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से विस्तृत रिपोर्ट और जवाब मांगा है। कांग्रेस इससे पहले भी मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवा की स्थिति पर सवाल उठाती आई है और एक बार फिर उसने आयुष्मान मित्र सेवाओं के ठप होने का आरोप लगाया है।
जवाबदेही तय करने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से फैली बीमारी के बाद साफ पेयजल उपलब्धता को लेकर सरकार पर नाकाम रहने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दो दशक से सत्ता में बैठी भाजपा सरकार आज भी स्वास्थ्य और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। उमंग सिंघार ने कहा कि ‘घोषणाओं और नारों से जनता का भला नहीं होता, ज़मीनी स्तर पर जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करनी होगी।’ बता दें कि एक दिन पहले भी उन्होंने पानी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए जनता से अपील कि थी कि जब तक उन्हें साफ स्वच्छ पेयजल न मिले, वो टैक्स और बिल न दें और खुद वॉटर ऑडिट करें।





