MP: कोरोना संकटकाल में कर्मचारियों को झटका!, भविष्य निधि की नई ब्याज दर लागू

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भोपाल।
कोरोना संकटकाल (corona crisis) में सरकारी कर्मचारियों (Government employees) को बड़ा झटका लगा है। शिवराज सरकार(shivraj sarkar) ने मप्र में भविष्य निधि (Provident Fund) की नई ब्याज दर लागू कर दी है।जिसके बाद कर्मचारियों को 25 हजार रुपये तक सालाना नुकसान होगा ।प्रदेश के पांच लाख से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी इस दायरे में आते है।

दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा तय दरों को प्रदेश की शिवराज सरकार ने भी लागू कर दिया है।वित्त विभाग (finance department) ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। नई ब्याज दर लागू होने के बाद अब सामान्य भविष्य निधि (GPF) पर 0.80 फीसद कम ब्याज मिलेगा। एक अप्रैल से 30 जून 2020 तक के लिए ब्याज दर 7.10 फीसद रहेगी। यह दर वर्ष 2019 की तीन तिमाही में 7.90 प्रतिशत थी। हालांकि यह पहला मौका नही है जब नई व्याज दर लागू की गई है , इससे पहले  पिछली कमल नाथ सरकार(kamalnath sarkar) में 11 फरवरी 2020 को वर्ष 2019 की दूसरी, तीसरी और चौथी तिमाही के लिए ब्याज दर आठ फीसद से घटाकर 7.90 फीसद दर लागू की थी

बता दे कि विभिन्न निधियों में जो राशि जमा होती है, उस पर कर्मचारियों को ब्याज मिलता है। प्रदेश में सामान्य भविष्य निधि, अंशदायी भविष्य निधि, पटवारी विशेष भविष्यनिधि, मध्य भारत जीवन बीमा निधि और विभागीय भविष्यनिधि में कर्मचारियों की राशि जमा होती है।

जीपीएफ क्या है?
जीपीएफ या जनरल प्रोविडेंट फंड अकाउंट सरकारी कर्मचारियों के लिए होता है। एक सरकारी कर्मचारी अपनी सैलरी का एक निश्चित हिस्सा योगदान के रूप में देकर इसका सदस्य बन सकता है। इस फंड में जमा राशि सरकारी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति या रिटायरमेंट के समय मिल जाती है।

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