मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस पर भोपाल में राजा भोज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे परिसर में ‘पीएम श्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इसके साथ राजा भोज एयरपोर्ट में उन्नयन कार्यों का भी शुभारंभ किया। इन सेवाओं में ‘पीएमश्री हवाई पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा’ के अलावा ‘डिजी यात्रा’, ‘फ्लाईब्रेरी’, ‘किड्स प्ले ज़ोन’ तथा ‘केट-I से केट-II ILS प्रणाली’ जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हवाई यात्रा केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि एक आनंददायक यात्रा का अनुभव भी बने। मध्य प्रदेश अपने नागरिकों और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाओं के साथ संस्कृति की आत्मीयता भी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश की दूरियों को नहीं, बल्कि दिलों और अनुभवों को भी जोड़ने जा रहे हैं। इसका उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को हवाई मार्ग से जोड़कर दूरियां मिटाकर समय बचाना भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में एयर एम्बुलेंस और हेलीकॉप्टर पर्यटन सेवा (इंट्रा स्टेट एयर सर्विसेज) प्रारंभ करने वाला मध्यप्रदेश पूरे देश में पहला और इकलौता राज्य बन गया है।
आज का दिन प्रदेश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को 70वें स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल एक उत्सव मात्र नहीं, प्रदेश की विकास यात्रा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ने 70 वर्षों की इस लंबी यात्रा में अनेक चुनौतियां पार की हैं। अब हमारा लक्ष्य ही नहीं दृढ़ सकंल्प भी है कि हम मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर, तकनीक-संपन्न और पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाकर रहेंगे। डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन एक ऐसा क्षेत्र है, जो अर्थव्यवस्था, संस्कृति और समाज – तीनों को परस्पर जोड़ता है।
MP में विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, वन संपदा, धार्मिक पर्यटन का अनोखा संगम
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन हमारे देश और प्रदेश की इकोनॉमी का इकलौता ऐसा क्षेत्र है जो नई-नई लोकेशन्स, अलग-अलग संस्कृतियों और ऐतिहासिक चीजों को अपने तरीके से एक्सप्लोर करने का आनंद, रोजगार और पहचान तीनों देता है। मध्य प्रदेश में विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, वन संपदा और धार्मिक पर्यटन का अनोखा संगम है। हमारा प्रयास है कि इन स्थलों तक सीधी पहुंच और यहां की सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पीएमश्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा इसी दृष्टि से एक अभिनव पहल है, जिससे देशी-विदेशी सभी पर्यटकों को प्रदेश के प्रमुख स्थलों तक सीधी, सुरक्षित और शीघ्र पहुंच सुविधा मिल सकेगी।
पीएमश्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा से पर्यटन को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया कि पीएमश्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा में प्रारंभिक चरण में तीन प्रमुख पर्यटन सेक्टर्स में हेली सेवाएं चलाई जायेंगी। प्राथमिक चरण में इंदौर से उज्जैन एवं ओंकारेश्वर, भोपाल से मढ़ई एवं पचमढ़ी तथा जबलपुर से बांधवगढ़ एवं कान्हा जैसे प्रमुख स्थलों तक हेलीकॉप्टर उड़ानें संचालित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस सेवा से पर्यटकों को कम समय में अधिक पर्यटन स्थलों की यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही, यह सेवा प्रदेश के ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन, होम-स्टे व्यवसाय और स्थानीय उत्पादों के विपणन को भी बढ़ावा देगी।
मध्य प्रदेश में पहली बार इंट्रा स्टेट एविएशन सर्विस की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में पहली बार इंट्रा स्टेट एविएशन सर्विस की शुरुआत हुई है। रीवा से इंदौर के बीच 20 नवंबर से इंडिगो की सीधी हवाई सुविधा मिलेगी। रीवा से दिल्ली हवाई सेवा भी पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए अद्भुत सौगात है। हमारी सरकार बनने के बाद प्रदेश में 3 नए एयरपोर्ट रीवा, सतना और दतिया में शुरू किए गए। बदलते दौर में रीवा तेजी से विकास करने वाला नगर बना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश के सभी एयरपोर्ट वास्तुशिल्प के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि उज्जैन में बनने वाले एयरपोर्ट की संरचना में बाबा महाकाल की कृति नजर आएगी।
पर्यटन के जरिए आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन सेवाओं का यह विस्तार केवल सुविधाओं की शुरुआत नहीं, बल्कि ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ के निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नई सेवा और सुविधा रोजगार, कौशल विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक पर्यटकों की संख्या दोगुना की जाए और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था का आकार 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई हेली पर्यटन सेवाओं से स्थानीय युवाओं के साथ-साथ महिलाओं को भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
इन 3 प्रमुख सेक्टरों में होगा संचालन
प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानों के मध्य हवाई यात्रा को सुलभ बनाने के लिए 3 सेक्टरों में प्रादेशिक हेलीकॉप्टर सेवा प्रदाय की जाएगी। चाहे वह महाकाल की नगरी उज्जैन हो, ओंकारेश्वर का दिव्य तट, बांधवगढ़ का जंगली रोमांच हो या पचमढ़ी की शांत वादियाँ, यह सेवा प्रदेश के हर प्रमुख धार्मिक स्थल, राष्ट्रीय उद्यान और ऐतिहासिक धरोहर को एक सूत्र में पिरोती है।
सेक्टर-1 में इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर,, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा, भोपाल और जबलपुर के बीच सेवा संचालित की जाएगी
सेक्टर-2 में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो (श्योपुर), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बैतूल, टीकमगढ़ और जबलपुर के बीच सेवा संचालित की जाएगी।
सेक्टर-3 में जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसुली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर के बीच हेलीकॉप्टर सेवा संचालित की जायेगी।






