मध्यप्रदेश में सरकार के लिए नए वीवीआईपी विमान खरीदने की तैयारी को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में अस्पतालों में इलाज, बच्चों के पोषण और गांवों में एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन सरकार मुख्यमंत्री के लिए करोड़ों रुपये का लग्जरी विमान खरीदने जा रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता के टैक्स से लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च कर लग्जरी जेट खरीदा जा रहा है। इसके अलावा 18 शहरों की हवाई पट्टियों पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात पर भी उन्होंने सरकार को घेरा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान है तब सरकार की प्राथमिकता वीवीआईपी विमान पर इतना बड़ा खर्च करना क्यों है।
उमंग सिंघार ने साधा निशाना
उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तंज कसते हुए कहा कि जनता जमीन पर बदहाल है और मुख्यमंत्री आसमान में घूमने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि जनता के पसीने की कमाई से इस तरह के शाही खर्च की जरूरत आखिर क्यों पड़ रही है। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से सवाल किया कि जब प्रदेश में स्वास्थ्य, पोषण और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन जैसी जरूरतें मौजूद हैं तब इतनी बड़ी राशि विमान पर खर्च करने का औचित्य क्या है।
क्या है विमान खरीद का मामला
मध्यप्रदेश सरकार के लिए बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 विमान लाने की जानकारी सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस विमान की कीमत लगभग 230 करोड़ रुपये बताई गई है। ये विमान कनाडा से भारत लाया जा रहा है और इसके बाद आवश्यक सुरक्षा और तकनीकी जांच की जानी है। रिपोर्टों में इसके अक्टूबर के अंत तक मध्यप्रदेश पहुंचने की बात कही गई है।
नए विमान की जरूरत के पीछे राज्य के पुराने सरकारी विमान का लंबे समय से उपयोग में नहीं होना भी एक अहम वजह है। मध्यप्रदेश सरकार का बीक्राफ्ट किंग एयर बी-250 जीटी विमान 2021 में ग्वालियर में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसके बाद से यह विमान सेवा में वापस नहीं आ सका। ऐसे में सरकारी विमान उपलब्ध नहीं होने पर मुख्यमंत्री और अन्य वीवीआईपी यात्राओं के लिए सरकार को चार्टर्ड या किराये के विमान की व्यवस्था करनी पड़ती है। नए विमान की प्रस्तावित खरीद को इस जरूरत से भी जोड़कर देखा जा रहा है लेकिन विपक्ष इसे लेकर सवाल उठा रहा है।
