किसानों को बड़ी राहत: राज्य शासन ने बढाई तारीख, अब मूंग उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग 10 अगस्त तक, मूंग-उड़द खरीद 20 अगस्त तक होगी

राज्य सरकार ने किसानों के हित में दो बड़े फैसले लिए हैं, उड़द पर एमएसपी के साथ 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस जारी रहेगा, मूंग खरीद में उत्पादन का 60% उपार्जन होगा।
Moong Urad

Moong Urad

प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में दो महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द उपार्जन की समय-सीमा बढ़ा दी है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अनुसार अब मूंग उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है तथा मूंग और उड़द उपार्जन की अंतिम तिथि 20 अगस्त 2026 तय की गई है।

मध्य प्रदेश में इस समय मूंग और उड़द की की खरीदी जारी है, किसानों की परेशानी को समझते हुए राज्य शासन ने मूंग उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 30 जुलाई से बढाकर 10 अगस्त कर दी है । इसी प्रकार उपार्जन की अंतिम तिथि भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है। इस फैसले से हजारों किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

उपार्जन नीति में आंशिक संशोधन

कृषि विभाग ने बताया कि उपार्जन प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत किसानों को स्लॉट बुकिंग के समय आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और पंजीयन से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज करानी होगी। सरकार ने उपार्जन नीति में आंशिक संशोधन करते हुए मूंग की खरीदी किसानों के कुल उत्पादन के 60 प्रतिशत तक किए जाने का प्रावधान भी लागू किया है। वहीं, खाद वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए हाइब्रिड मोड लागू किया गया है।

सरकार के निर्णय से किसानों को फायदा 

इसके अलावा सरकार ने उड़द उत्पादक किसानों को बड़ी सौगात देते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अलावा 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय बरकरार रखा है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से प्रदेश में दलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और मध्यप्रदेश दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews