MP में सरकारी मेडिकल कॉलेजों को PPP पर देने की तैयारी, उमंग सिंघार ने किए सवाल

मध्यप्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर देने की तैयारी के बीच कांग्रेस ने सरकार को घेरा हैं। नेता प्रतिपक्ष ने सरकारी पैसों से बने इन कॉलेजों के संचालन में निजी भागीदारी लाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए बीजेपी से इसकी वजह स्पष्ट करने की मांग की है।
Umang Singhar

मध्यप्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की तैयारी को लेकर सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर सरकारी संसाधनों से तैयार मेडिकल कॉलेजों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल किया कि जब जमीन सरकारी है और निर्माण में जनता के पैसे का इस्तेमाल हुआ है तो फिर इनके संचालन में निजी क्षेत्र को क्यों लाया जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश सरकार नौ सरकारी मेडिकल कॉलेजों को पीपीपी मॉडल पर देने की तैयारी कर रही है। इनमें नीमच, सिंगरौली और श्योपुर के मेडिकल कॉलेज भी शामिल बताए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन कॉलेजों के निर्माण पर करीब चार हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। कांग्रेस नेता ने उज्जैन मेडिकल कॉलेज का भी जिक्र किया और कहा कि वर्ष 2021 में इसे पीपीपी मॉडल पर देने का विरोध हुआ था, लेकिन अब इसे भी इसी व्यवस्था के तहत चलाने की तैयारी की जा रही है।

सरकार की मेडिकल कॉलेजों को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की तैयारी

मध्यप्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की तैयारी के बीच अब इसके दायरे और शर्तों को लेकर तस्वीर सामने आ रही है। प्रस्ताव में नौ मेडिकल कॉलेजों के साथ 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी शामिल किया गया है। इनमें नीमच, सिंगरौली, श्योपुर, मंडला और राजगढ़ जैसे कॉलेज हैं, जो केंद्र प्रवर्तित योजना के तहत तैयार हुए हैं। इन कॉलेजों के निर्माण में केंद्र और राज्य सरकार दोनों की हिस्सेदारी रही है।

प्रस्ताव में ऐसे कॉलेज भी शामिल हैं जिन्हें पूरी तरह राज्य सरकार के खर्च से तैयार किया गया है। चालू मेडिकल कॉलेजों में भवन, मशीनरी, फर्नीचर और दूसरी सुविधाओं को मिलाकर करीब चार हजार करोड़ रुपये के सरकारी निवेश का अनुमान बताया जा रहा है। इसी वजह से पीपीपी मॉडल में जाने के बाद इन संस्थानों के संचालन, सरकारी संसाधनों और कॉलेजों में काम कर रहे फैकल्टी की भूमिका को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

उमंग सिंघार ने घेरा

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस फैसले को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे और सरकारी जमीन-इंफ्रास्ट्रक्चर पर बने संस्थानों का संचालन निजी कंपनियों को सौंपना स्वास्थ्य सेवाओं को मुनाफे का मॉडल बनाने जैसा है। उन्होंने कहा कि जमीन सरकार की, पैसा जनता का और इंफ्रास्ट्रक्चर सरकारी है तो इन संस्थानों का संचालन निजी हाथों में देने का औचित्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि जनता के स्वास्थ्य को निजी मुनाफे का मॉडल मत बनाइए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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