MP के सरकारी स्कूलों से 10 साल में 22 लाख से अधिक छात्र ड्रॉपआउट, जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा, कहा “बीजेपी ने मध्यप्रदेश को लापता प्रदेश बना दिया”

होना तो यह चाहिए कि बेहतर सुविधाओं, आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के कारण ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स् सरकारी स्कूलों में एडमिशन लें। लेकिन असलियत इसके ठीक उलट है। नामांकन में गिरावट की वैज्ञानिक जांच के लिए सरकार ने पिछले साल अटल बिहारी सुशासन संस्थान को पत्र भी लिखा, लेकिन दस महीने बाद भी इसका इसका कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। इस तरह प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
MP Congress Jitu Patwari

Jitu Patwari

मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों से बच्चों के ड्रॉपआउट को लेकर जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने मध्यप्रदेश को “लापता प्रदेश” बना दिया है और सरकारी स्कूलों से बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई छोड़ रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में पहले “लाड़ली बहनों के लापता होने” की चर्चा होती रही और अब सरकारी स्कूलों से बच्चे भी लापता हो रहे हैं। विधानसभा में इस बाबत पूछे गए प्रश्न पर सरकार के उत्तर से जानकारी मिली है कि पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों से पढ़ाई छोड़ दी है। इसे लेकर अब कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है।

दस साल में 22 लाख बच्चों ने पढ़ाई छोड़ी

जीतू पटवारी ने कहा है कि पिछले 10 सालों में सरकारी स्कूलों से 22 लाख से अधिक बच्चे पढ़ाई छोड़ चुके हैं, जिससे नामांकन में भारी गिरावट आई है। उन्होंने इसे सरकार की शिक्षा नीति की पूरी नाकामी करार देते हुए दावा किया कि जहां दुनिया के विकसित देशों में बच्चे अंतरिक्ष और मंगल ग्रह पर पानी की खोज कर रहे हैं, वहीं मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चे बुनियादी सुविधाओं जैसे शिक्षक, ब्लैकबोर्ड, किताबें और ठीक-ठाक भवन ढूंढने को मजबूर हैं।

जीतू पटवारी ने सरकार से किए सवाल

बता दें कि विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल के सवाल के जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने जानकारी दी है कि 2015-16 से 2024-25 के बीच कक्षा एक से लेकर बारहवीं तक के स्टूडेंट्स के नामांकन में 22.03 लाख की कमी आई है। इसे लेकर पिछले साल मई में सरकार ने अटल बिहारी सुशासन संस्थान को पत्र लिखकर नामांकन मे गिरावट की वैज्ञानिक जांच करने को कहा था। लेकिन लगभग दस महीने बीत जाने पर भी संस्थान की तरफ से इसे लेकर कोई एक्शन प्लान प्रस्तुत नहीं किया गया है जबकि इस बीच स्कूल शिक्षा विभाग उन्हें रिमाइंडर भी दे चुका है। इसी मामले पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इन बच्चों को “लापता” की श्रेणी में रखते हुए सरकार से सवाल किया कि इतने बड़े पैमाने पर बच्चे स्कूल क्यों छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि ‘प्रदेश में लाड़ली बहनें लापता होने के बाद अब स्कूल के बच्चे भी लापता हो रहे हैं।’

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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