स्टूडेंट्स को बड़ी सौगात देने की तैयारी कर रही कमलनाथ सरकार

स्टूडेंट्स को बड़ी सौगात देने की तैयारी कर रही कमलनाथ सरकार

भोपाल। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार अपने कार्यकाल का एक साल पूरा करने के बाद अब भविष्य की नीतियों पर काम कर रही है। सरकार अब स्टूडेंट्स को सौगात देने जा रही है। प्रदेश में ‘राइट टू स्टूडेंट’ कानून लाने की तैयारी की जा रही है। इसमे छात्रों को पढ़ाई को बेहतर करने के साथ नई नई विधाएं सीखने का अवसर मिलेगा।

छात्रों के फीडबैक के आधार पर ही इस कानून को लागू किया जाएगा। इसके लिए सीएम कमलनाथ जल्द ही मेरा मध्यप्रदेश पोर्टल लांच करेंगे। जिसमे घर बैठे ही लोग सरकार को अपने सुझाव दे सकेंगे। इनके माध्यम से ही सरकार निर्णय लेगी। यह पोर्टल प्रतिभाशाली युवाओं के लिए एक मंच का काम भी करेगा। इस पोर्टल के माध्यम से अन्य कार्य भी होंगे और अन्य योजनाओं के लिए सुझाव लिए जाएंगे।

राइट टू स्टूडेंट कानून के पीछे सीएम कमलनाथ की मंशा है कि जो बच्चे स्कूल कालेज में पढ़ रहे हैं उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मौका मिले। इसके जरिये प्रदेश में नई लीडरशिप भी तैयार हो सकेगी। इस कानून में तकनीकी विशेषज्ञ वित्तीय सहायता और अधोसंरचना विकसित होगी, पढ़ाई में ऐसे सिलेबस शामिल किए जाएंगे जिससे छात्र को स्वयं का रोजगार शुरू करने में मदद मिले। लोकतांत्रिक सिद्धान्तों पर छात्र संगठन बने ताकि लीडरशिप विकसित होगी। छात्रों की शिकायतों और सुझाव के लिए कमेटी बनाई जाएगी।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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