जनता कर्फ्यू के बीच भोपाल में अतिथि विद्वानों का धरना जारी

जनता कर्फ्यू के बीच भोपाल में अतिथि विद्वानों का धरना जारी

भोपाल।

जनता कर्फ्यू का असर राजधानी भोपाल में भी नज़र आ रहा है।सुबह से ही लोग अपने घरों में बंद है।सड़के सूनी है ।पार्क सुनसान है। मॉल बन्द है।वही बाजार और तमाम दुकानो के भी शटर डाउन है। और इस बन्द का अगर राजधानी भोपाल में अगर कही असर नज़र नही आ रहा है तो वो जगह है भोपाल का शाहजनी पार्क।जहां जनता कर्फ्यू के दिन भी अतिथि विद्वान धरना दे रहे है।

लगातर 107 दिन से धरने पर इसी जगह बैठे अतिथि विद्धवानो का धरना आज जनता कर्फ्यू के दिन भी जारी है।लेकिन खास बात है कि अपने हक की लड़ाई लड़ रहे अतिथि विद्वान पूरी एहतियात के साथ धरने पर बैठे है ।चेहरे पर मास्क लगा है।दूरी बनाकर रखी गई है ।इसके साथ ही प्रदर्शन धरने में शामिल अतिथि विद्वानों की संख्या को सीमित किया गया है।नियमितीकरण की मांग कर रहे प्रदेश भर के अतिथि विद्धवान पिछले 107 दिनों से धरने पर बैठे है।और आज जनता कर्फ्यू के दिन भी पूरी एहतियात के साथ यह धरना जारी है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews