मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग की नियुक्तियों पर बैठक आज, उमंग सिंघार ने कहा “सरकार ने बात नहीं सुनी तो हम हाईकोर्ट जाएंगे”

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि नियुक्तियों में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का पालन नहीं हुआ, सरकार ने अपने ही हलफनामों का उल्लंघन किया और कुछ विशेष व्यक्तियों को लाभ पहुँचाने के लिए प्रक्रिया को गोपनीय रखा गया। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं किया गया और बार-बार एक ही व्यक्ति को अध्यक्ष का प्रभार दिया गया है।
Umang Singhar

मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के रिक्त अध्यक्ष और सदस्य पदों की पूर्ति के लिए आज शाम 4 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति की बैठक होने जा रही है। इस नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे अपारदर्शी और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए तीखा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी बात नहीं सुनती है तो वो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए कई अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। इसमें प्रक्रिया की गोपनीयता, कुछ लोगों को विशेष लाभ पहुंचाने और बार-बार एक ही व्यक्ति को प्रभार देने जैसे मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने इस पोस्ट में राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय और राज्यपाल को टैग कर हस्तक्षेप की मांग की है।

उमंग सिंघार ने लगाए गंभीर आरोप

उमंग सिंघार ने आरोप लगाए कि नियुक्ति प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का पालन नहीं हुआ, सरकार द्वारा कोर्ट में दिए गए हलफनामों का उल्लंघन हुआ, और मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम की समय-सीमा व अन्य प्रावधानों की अनदेखी की गई। इसके अलावा, उम्मीदवारों की योग्यता, सामाजिक प्रतिनिधित्व की कमी, और प्रक्रिया को अत्यधिक गोपनीय रखने पर भी सवाल उठाए हैं।

 चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है और कुछ विशेष व्यक्तियों को लाभ पहुँचाने के लिए गोपनीय तरीके से आवेदन बुलाए गए हैं। इसके साथ ही चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव और बार-बार एक ही व्यक्ति को अध्यक्ष का प्रभार सौंपने का आरोप भी लगाया है। उमंग सिंघार ने मानवाधिकार आयोग को “न्याय का मंदिर” बताते हुए कहा कि इसकी नींव संवैधानिक मूल्यों पर टिकी है और उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री आज की बैठक में प्रदेश की जनता के अधिकारों के लिए निष्पक्ष निर्णय लेंगे।

हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

उमंग सिंघार ने कहा कि मानवाधिकार आयोग और इसके अध्यक्ष तथा सदस्यों के पद अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। जब प्रशासनिक व्यवस्था से प्रदेश की जनता को न्याय नहीं मिलता, तो पीड़ित पक्ष या आम जनता मानवाधिकार आयोग के पास जाती है। इस पद पर अपात्र व्यक्तियों का बैठना न्याय के सिद्धांतों के विपरीत होगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी ने लगातार कहा है कि भाजपा से संविधान को खतरा है। आज यह सच होता दिखाई दे रहा है कि भाजपा संवैधानिक पदों पर खिलवाड़ कर रही है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि यदि सरकार हमारी बात नहीं सुनेगी, तो हम हाईकोर्ट के दरवाजे खटखटाएंगे। क्योंकि यह प्रदेश की जनता के न्याय का मामला है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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