‘ऐ खाकीधारी.. ना झुकना है ना डरना है’ जवानों का हौसला बढ़ाती IPS की कविता

‘ऐ खाकीधारी.. ना झुकना है ना डरना है’ जवानों का हौसला बढ़ाती IPS की कविता

भोपाल| प्रदेश में कोहराम मचाने वाली कोरोना (Corona) महामारी के खिलाफ दिन रात अपना फर्ज निभाने वाले पुलिसकर्मियों के जज्बे को आज हर कोई सलाम कर रहा है| अपनी जान की परवाह ना करते हुए पुलिस (Police) अपने कर्तव्य का पालन कर रही है| जिसकी सराहना जरूरी है, साथ ही उनका हौसला बढ़ाने की जरुरत है| इन कोरोना योद्धाओं का हौसला बढ़ाने आईपीएस अधिकारी अमित सिंह (IPS Amit Singh) ने फेसबुक पर एक वीडियो के माध्यम से कविता सुनाई है|

जबलपुर एसपी रहे आईपीएस अमित सिंह का हाल ही में तबादला किया गया है| उन्हें जबलपुर से एआईजी पुलिस मुख्यालय पदस्थ किया है| एसपी रहते अनेकों सराहनीय पहल करने वाले अमित सिंह सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहते हैं| इस समय जब पुलिस कोरोना के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ रही है| ऐसे हालातों में पुलिसकर्मियों के उत्साह को बढ़ाने आईपीएस अधिकारी ने कविता लिखी है और वीडियो के माध्यम से कोरोना संकट में सड़क पर 24 घंटे काम करने वाले सभी खाकीधारी को समर्पित की है|

‘कोरोना रुपी अदृश्य शत्रु से योद्धा के भाति लड़ना है, ना झुकना है ना डरना है, ना रुकना है
लड़ाई लम्बी है, हमको आगे बढ़ते रहना है, हमको आगे बढ़ते रहना है,
कर्त्तव्य तुम्हारा इतिहास के पन्नों पर अंकित होना है, ना झुकना है ना डरना है, ना रुकना है,
देशभक्ति और जनसेवा का इससे बेहतर मौका अब नहीं मिलना है,
ऐ वर्दीधारी अपने कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ते रहना है…
देशभक्ति और जनसेवा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने को तत्पर रहना है,
ऐ खाकीधारी तुम्हारे संकल्प से ही कोरोना का निश्चित ही होना ख़ाक है..
कोरोना योद्धा देवेंद्र यशवंत कर्तव्यपथ पर तेरा यह बलिदान याद रखेगा हिंदुस्तान,
कोरोना की इस लड़ाई में हर वर्दीधारी के तुम बनकर उभरे हो सबसे बड़ी आन
कसम तुम्हारी हम खाते हैं कोरोना का कर देंगे चूर-चूर अपमान..

https://www.facebook.com/pragya.amitips/videos/3635096409898600/

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews