MP: ग्रीन और ऑरेंज जोन में खुलेंगी शराब दुकानें, यहां रहेगी पाबंदी

MP: ग्रीन और ऑरेंज जोन में खुलेंगी शराब दुकानें, यहां रहेगी पाबंदी

भोपाल| केंद्र सरकार के एलान के बाद मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में लॉकडाउन (Lockdown) 17 मई तक बढ़ा दिया गया है| इस बार लॉकडाउन का स्वरुप बदला है| जिलों को ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन (Green, Orange and Red Zone) में बांटकर लॉकडाउन में छूट दी गई है| ग्रीन और ऑरेंज जोन में कुछ गतिविधियों को छूट दी गई है| वहीं शराब दुकानों (Liquor shops) को लेकर भी सरकार ने फैसला किया है| फिलहाल, भोपाल (Bhopal) इंदौर (Indore) और उज्जैन (Ujjain) में शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी| अन्य जिलो के रेड जोन एरिया में केवल ग्रामीण क्षेत्रों में शराब दुकाने खोली जा सकेंगी। वहीं ऑरेंज जोन और ग्रीन जोन में शराब दुकान खोली जा सकेंगी|

वहीं दूसरी ओर सरकार ने सिनेमाघरों के लिए एक आदेश भी जारी कर दिया है, जिसके तहत प्रदेश में सभी सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स को 17 मई तक बंद रखने का आदेश दिया गया है| गौरतलब है कि एमपी में कुल 9 जिले रेड जोन में शामिल है, वहीं 19 जिले ऑरेंज जोन में शामिल किए गए हैं और 24 जिले ग्रीन जोन में शामिल हैं|

ग्रीन जोन वाले 24 जिले-
रीवा, अशोकनगर, राजगढ़, शिवपुरी, अनूपपुर, बालाघाट, भिंड, छतरपुर, दमोह, दतिया, गुना, झाबुआ, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, नीमच, पन्ना, सतना, सीहोर, सिवनी, सीधी, उमरिया, सिंगरौली, निवाड़ी

ऑरेंज जोन वाले 19 जिले
खरगोन, रायसेन होशंगाबाद, रतलाम, आगर-मालवा, मंदसौर, सागर, शाजापुर, छिंदवाड़ा, आलीराजपुर, टीकमगढ़, शहडोल, श्योपुर, डिंडोरी, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, विदिशा, मुरैना

रेड जोन वाले 9 जिले
इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, धार, बड़वानी, पूर्व निमाड़ (खंडवा), देवास, ग्वालियर

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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