मप्र चिकित्सा अधिकारी संघ ने सरकार को लिखा पत्र, समुचित व्यवस्था और इंश्योरेंस की मांग

मप्र चिकित्सा अधिकारी संघ ने सरकार को लिखा पत्र, समुचित व्यवस्था और इंश्योरेंस की मांग

भोपाल

चिकित्सक,नर्सेस ,पैरामेडिकल स्टाफ लगातार कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये काम में जुटे हुए हैं। लेकिन इस दौरान उनके संक्रमित होने का खतरा भी बहुत बढ़ गया है । ऐसे में मध्यप्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ ने सरकार को पत्र लिखकर उनके इलाज की समुचित व्यवस्था करने की मांंग की है।

मध्यप्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ देवेंद्र गोस्वामी ने इंदौर में चिकत्सकों और स्वास्थ्य विभाग के साथ की गई बदसलूकी की निंदा करते हुए लोगों से अपील की है कि वो सब जनहित के लिये कार्य कर रहे हैं। ऐसे में लोग उनका सहयोग करें और इस आपदा की घड़ी में बजाय की माहौल में नकारात्मका फैलाने के, डॉक्टरों की मदद करें। इसी के साथ उन्होने सीएम शिवराज को भी क पत्र लिखा है जिसमें उन्होने कहा है कि हमें विश्वास है कि हम सब मिलकर कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने में कामयाब रहेंगे।  लेकिन इस दौरान अगर दुर्भाग्यवश कोई चिकित्सक या स्टाफ को कोई संक्रमण होने की आशंका भी लगातार बनी हुई है। उन्होने सरकार से मांग की है कि ऐसी स्थिति में डाक्टरों या उनके स्टाफ के उपचार के लिए अलग से अस्पताल की व्यवस्था की जावे । इसी के साथ उन्होने इस समय इलाज कर रहे सभी चिकित्सकों व स्टाफ़ को हाई रिस्क एलाउंस दिये जाने और सभी का बीमा करवाने की मांग भी की है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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