
Madhya Pradesh Police’s initiative in Naxal-affected areas
मध्य प्रदेश में अब पुलिस के किसी भी कर्मचारी-अधिकारी को उच्च पद का कार्यवाहक प्रभार नहीं दिया जायेगा, मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने इस आशय का आदेश जारी किया है, उन्होंने आदेश दिया है कि 10 फरवरी 2021 और उसके बाद समय समय पर दिए गए संशोधित पत्रों के तहत ‘कार्यवाहक’ के तौर पर उच्च पद का प्रभार दिये जाने की कार्यवाही को आगामी आदेश तक स्थगित किया जाता है ।
मध्य प्रदेश में पिछले लंबे से पदोन्नति नहीं हो रहीं थी जिसके चलते कर्मचारियों और अधिकारियों में नाराजगी थी, प्रदेश की शिवराज सरकार के समय गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के कार्यकाल में पुलिस विभाग ने इसके लिए रास्ता निकाला और बतौर कार्यवाहक उच्च पद प्रभार दिए जाने का नियम शुरू किया।
10 फरवरी 2021 को जारी आदेश स्थगित
गृह विभाग ने पुलिस रेग्युलेशन पैरा 72 में संशोधन कर ‘कार्यवाहक’ तौर पर उच्च पद का प्रभार दिये जाने के संबंध में निर्णय लिया और 10 फरवरी 2021 को इस आशय के आदेश प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों को जारी कर दिए गए, इसके बाद से पुलिस में कार्यवाहक प्रधान आरक्षक, कार्यवाहक एएसआई , कार्यवाहक एसआई, कार्यवाहक निरीक्षक और कार्यवाहक डीएसपी नियुक्त किये जाने लगे, इन्हें रैंक उच्च पद की दी जाने लगी लेकिन वेतन उसी कनिष्ठ पद का रहा ।
DGP कैलाश मकवाना का आदेश
पिछले चार साल से इस नियम के तहत पुलिस के कर्मचारियों और अधिकारियों को बतौर कार्यवाहक उच्च प्रभार दिया जा रहा है लेकिन अब इसे स्थगित करने के आदेश डीजीपी ने दिए हैं, विशेष पुलिस महानिदेशक प्रशासन आदर्श कटियार ने डीजीपी कैलाश मकवाना द्वारा अनुमोदित आदेश जारी किया है।
इस कारण स्थगित किया पुराना आदेश
आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल द्वारा नियमित पदोन्नति दिये जाने के संबंध में अधिसूचना 19 जून 2025 मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 जारी की गई है। इसलिए 10 फरवरी 2021 एवं समय-समय पर संशोधित पत्रों के तहत ‘कार्यवाहक’ के तौर पर उच्च पद का प्रभार दिये जाने की कार्यवाही आगामी आदेश तक स्थगित की जाती है।

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

