
Digvijaya Singh
Digvijaya Singh X Post : दिग्विजय सिंह लगातार ये बात कहते रहे हैं कि नेताओं को डराने धमकाने और दबाव बनाने के लिए बीजेपी जांच एजेंसियों का उपयोग करती है। अब एक बार फिर उन्होने यहीं बात दोहराई है। साथ ही ये भी कहा है कि ईडी, सीबीआई या आईटी के डर से जिसे जहां जाना हो, वो जाए..लेकिन हम आखिरी सांस तक अपनी विचारधारा पर डटे रहेंगे और संघर्ष करते रहेंगे।
‘जिसे जहां जाना हो जाए’
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि ‘हे कॉंग्रेस के साथियों इस समय देश का लोकतंत्र ख़तरे में है भारतीय संविधान ख़तरे में है भारत की सामाजिक-अर्थ व्यवस्था ख़तरे में है कॉंग्रेस संकट में है। अब समय संघर्ष का है जो ED IT CBI से डरता है वह जहां जाना हो जाये पर हम तो आख़िरी साँस तक अपनी विचारधारा पर डटे रह कर संघर्ष करेंगे। इसीलिए मैंने उन सभी के लिए कबीर का यह दोहा ट्वीट किया है। कबीरा खड़ा बाज़ार में ले लुकाटी हाथ जो घर फूंके आपना चले हमारे साथ।’
क्या है दिग्विजय सिंह की पोस्ट का अर्थ!
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से चल रही सियासी हलचल के दौरान दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में ये बात भी कही थी कि कमलनाथ पर भी अन्य नेताओं की तरह ईडी, सीबीआई, आईटी का दबाव है, लेकिन उनका चरित्र ऐसा नहीं है कि वो किसी दबाव में आ जाएं। कमलनाथ के कांग्रेस छोड़ने और बीजेपी जॉइन करने की अटकलों के बीच उन्होने ये बात कही थी। अब उस प्रकरण के पटाक्षेप के बाद दिग्विजय सिंह ने कबीर का दोहा लिखते हुए कहा है कि जिसे इन एजेंसियों का डर है..वो जहां जाना चाहे जा सकता है। लेकिन सवाल ये कि आखिर ये संदेश किसके लिए है ? भविष्य में क्या फिर ऐसी कोई संभावना उठ सकती है..जिसके लिए उन्होने पहले से ही ताकीद कर दी है। उनकी इस तरह की संदेशात्मक पोस्ट के बाद अब इस तरह के सवाल उठना लाज़मी हैं।
हे कॉंग्रेस के साथियों इस समय देश का लोकतंत्र ख़तरे में है भारतीय संविधान ख़तरे में है भारत की सामाजिक-अर्थ व्यवस्था ख़तरे में है कॉंग्रेस संकट में है। अब समय संघर्ष का है जो ED IT CBI से डरता है वह जहां जाना हो जाये पर हम तो आख़िरी साँस तक अपनी विचारधारा पर डटे रह कर संघर्ष… https://t.co/qOKGHzs9aW
— Office Of Digvijaya Singh (@OfficeOfDVS) February 20, 2024
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

