MP News : बिजली कंपनी ने ग्रामीणों के लिए जारी की एडवाइजरी, पढ़ें इसकी वजह

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MP News : गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर खेत खलिहान में कई बार आग लगने की दुर्घटनाएं होती हैं जिसका एक बड़ा कारण शॉर्ट सर्किट भी होता है इसी से बचाने के लिए बिजली कंपनी ने प्रदेश के ग्रामीणों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें सावधानी बरतने की अपील की गई है।

बिजली कंपनी ने ग्रामीणों से सावधानी रखने की अपील की 

विद्युत वितरण कंपनी ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि  ग्रामीण क्षेत्रों में असावधानीवश विद्युत से कई बार अप्रिय घटनाएं घट जाती हैं। गर्मी के मौसम में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से कईं बार व्यापक स्तर पर जन-धन की हानि होती हैं। इनसे सुरक्षा के लिए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने ग्रामीणजनों से सावधानी बरतने की अपील की है। अपील में कहा गया है कि कभी भी विद्युत लाइनों, उपकरणों एवं खंभों से छेड़खानी न करें क्योंकि ऐसा करना विद्युत अधिनियम 2003 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है। थोड़ी सी भी असावधानी या छेड़खानी से बड़े-बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं।

टूटे बिजली के तार को हाथ ना लगायें 

ग्रामीणों से अपील की गई है कि ऐसी लाइनें जिनमें विद्युत शक्ति प्रवाहित होती है, उन्हें ऑंधी तूफान या अन्य किसी कारण से टूटने वाले तारों को अकस्मात् छूने का प्रयास न करें। इस दौरान जरूरी होगा कि लाइन टूटने की सूचना तत्काल निकटस्थ बिजली कंपनी के अधिकारी को अथवा विद्युत कर्मचारी को दें। इसके लिये आवश्यकतानुसार किसी जिम्मेदार व्यक्तियों को अन्य यात्रियों को चेतावनी देने के लिये निर्देशित कर निुयक्त किया जायें।

किसान ऐसा काम बिलकुल ना करें 

किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों खलिहानों में ऊॅंची-ऊंची घास की गंजी, कटी फसल की ढेरियां, झोपड़ी, मकान अथवा तंबू आदि विद्युत लाइनों के नीचे अथवा अत्यंत समीप न बनायें। विद्युत लाइनों के नीचे से अनाज, भूसे आदि की ऊँची भरी हुई गाड़ियॉं न निकालें, इससे आग लगने एवं जान जाने का खतरा है।

बच्चों को ऐसा करने से रोकें 

बहुत से स्थानों पर बच्चे पतंग अथवा लंगर का खेल खेलते-खेलते तरह-तरह के धागे और डोर विद्युत लाइनों में फंसा देते हैं। ऐसा करने से उन्हें रोकें। लाइनों में फंसी पतंग निकालने के लिए बच्चों को कभी भी खंभे पर न चढ़ने दें। इससे एक ओर जहां दुर्घटना को टाला जा सकेगा वहीं दूसरी ओर आप होने वाली आर्थिक हानि से भी बच सकेंगे।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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