MP News: अब “चाय पर चर्चा” की तो मिलेगी सजा, जानें किसने जारी किया ऐसा फरमान

MP News: अब “चाय पर चर्चा” की तो मिलेगी सजा, जानें किसने जारी किया ऐसा फरमान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। भोपाल के हमीदिया अस्पताल (Hamidia Hospital Bhopal) के अधीक्षक का नया फरमान इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। आदेश में अस्पताल के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ड्यूटी टाइम ने ग्रुप बनाकर “चाय पर चर्चा” (chaay par charcha) करने  के लिए प्रतिबंधित किया गया है। इसके अलावा बाहर घूमने और बिना वजह दूसरे विभागों में बैठने पर भी रोक लगाई गई है।

चाय पर चर्चा करना इन दिनों देश में चर्चा का विषय है। हालाँकि चाय पर चर्चा करना कोई नई बात नहीं है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के साथ चाय वाला प्रधानमंत्री जुड़ जाने के बाद से भाजपा ने “चाय पर चर्चा” को एक गर्व का अवसर बना दिया है। भाजपा से जुड़े लोग समय समय पर चाय पर चर्चा कर इसे प्रचारित भी करते हैं।

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लेकिन भोपाल के हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ दीपक मरावी द्वारा “चाय पर चर्चा” पर रोक से जुड़ा आदेश राजधानी में चर्चा का विषय बना हुआ है।  अस्पताल अधीक्षक डॉ मरावी ने आदेश में लिखा है- अधीक्षक कार्यालय में कार्यरत समस्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचरियों को सूचित किया जाता है कि वे कार्य समय में अपनी शाखा के स्थान पर उपस्थित रहें तथा कार्यालय के बाहर अनैतिक रूप से खड़े ना रहें, बाहर बैठकर बातचीत ना करें, किसी अन्य शाखा में बिना कारण तथा बिना किसी कार्य के अतिरिक्त ना बैठें।

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आदेश में आगे कहा गया है कि यदि कोई कर्मचारी कार्यालयीन समय में बाहर खड़ा रहता है, काम के समय बाहर समूह  बनाकर चाय पीता अथवा किसी दूसरी शाखा में बिना किसी काम के बैठा मिलता है तो उसके खिलाफ कर्तव्य का पालन ना करने की कार्यवाही की जाएगी। अस्पताल अधीक्षक के इस आदेश के बाद इसपर सवाल उठने लगे है।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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