MP News : 6100 लाड़लियों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, नरोत्तम मिश्रा ने की तारीफ

MP News :  6100 लाड़लियों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, नरोत्तम मिश्रा ने की तारीफ

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश से गुमशुदा बालिकाओं की तलाश के लिए पुलिस ने “ऑपरेशन मुस्कान” (Operation Muskaan) शुरू किया है, पुलिस की सक्रियता से इसके सार्थक परिणाम भी सामने आ रहे हैं, पिछले 15 महीनों में मप्र पुलिस ने 6100 गुमशुदा बालिकाओं को ढूंढ निकालकर उनको मुक्त कराया है।

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने “आपरेशन मुस्कान” (Operation Smile) में गुमशुदा बालिकाओं की बरामदगी में पुलिस के बेहतरीन कार्य की सराहना की है। उन्होंने बताया है कि जनवरी 2021 से 31 मार्च 2022 तक 15 माह में 6 हजार 100 गुम बालिकाओं को मुक्त कराया जाकर परिजन को सौंपा गया है। पुलिस द्वारा गुमशुदा बालिकाओं को ढूंढ निकालने के लिये तीसरी बार “आपरेशन मुस्कान” चलाया जा रहा है।

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गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा है कि मध्य प्रदेश पुलिस (MP Police) संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। पुलिस तंत्र को जनोन्मुखी बनाने के लिये प्रतिबद्ध सरकार ने 42 जिलों में नये महिला पुलिस थाने खोले हैं। प्रदेश के 52 जिलों में 52 मानव दुर्व्यापार निरोधी इकाइयाँ और 700 ऊर्जा-महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है।

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गृह मंत्री डॉ. मिश्रा (HM Dr Narottam Mishra) ने बताया है कि 6 जनवरी से 31 जनवरी 2021 तक की अवधि में चलाये गये पहले आपरेशन मुस्कान में 2 हजार 444 बालिकाओं को ढूंढ निकाला गया। दूसरी बार आपरेशन मुस्कान 15 जुलाई 2021 से 31 अगस्त 2021 तक चलाया गया, इस अवधि में एक हजार 958 बालिकाओं को मुक्त कराया गया।

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डॉ. मिश्रा ने बताया कि 16 फरवरी 2022 से 31 मार्च 2022 तक तीसरे आपरेशन मुस्कान में एक हजार 698 बालिकाओं को मुक्त कराया गया है। उन्होंने कहा है कि गुमशुदा बालिकाओं और महिलाओं को ढूंढने के प्रयास मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा निरंतर किये जा रहे हैं, जिसमें आशातीत सफलता भी प्राप्त हो रही है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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